मैं अपनी दुकान में काम कर रहा था, तभी अचानक से कुछ धंसने और दरकने की आवाज आई। तुरंत समझ में आया कि बिल्डिंग गिर रही है। मैं पलक झपकते ही दुकान से बाहर कूदा और साइड में हटा। इतने में पूरी बिल्डिंग गिर गई। यह कहना है जाकिर शाह का जिनकी दुकान रानीपुरा की उस बिल्डिंग में थी जिसमें दबकर दो लोगों की जान चली गई और 12 घायल हैं।
जाकिर ने बताया कि वे पिछले 15 साल से यहां पर दुकान चला रहे हैं। बिल्डिंग जर्जर हो रही थी और पिछले कुछ समय से हमें लग रहा था कि कुछ गड़बड़ है। बिल्डिंग में रहने वाले परिवारों और बिल्डिंग मालिकों से भी इस विषय में कई बार बात हो चुकी थी। सभी विशेषज्ञों को बुलाकर सलाह मशवरा करने की सोच रहे थे कि हादसा हो गया।
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बिल्डिंग के पीछे बैकलेन, जमा रहता था कचरा
जाकिर ने बताया कि बिल्डिंग के पीछे बैकलेन एरिया था। इसमें हमेशा कचरा जमा रहता था। चूहों की वजह से सभी लगातार परेशान रहते थे। बेसमेंट में और बिल्डिंग के आसपास के क्षेत्र में हमेशा पानी भी भरा रहता था। इस वजह से बहुत गंदगी रहती थी। धीरे धीरे बिल्डिंग का निचला हिस्सा सड़ने लगा था। जाकिर ने बताया कि बैकलेन के पास एक दरवाजा था जो कुछ समय पहले दो बार धंस चुका था। इससे हमें लग रहा था कि यहां कुछ परेशानी है। लगभग एक सप्ताह पहले बिल्डिंग का एक हिस्सा भी कुछ धंसने लगा था। कई लोगों ने हमें इसके बारे में बताया था। यह सभी बातें चल रही थी कि बिल्डिंग गिर गई।
इसलिए बच गए अधिकतर लोग...
जाकिर ने बताया कि बिल्डिंग गिरते ही सबसे पहले रहवासी दौड़कर आए। उन्होंने लोगों को निकालना शुरू कर दिया। बिल्डिंग आगे की तरफ गिरी यदि वह सीधे नीचे गिर जाती तो बहुत से लोग नहीं बचते। बिल्डिंग आगे झुकी और सामने वाली बिल्डिंग से टकरा गई। इसके बाद वह गिरी। इससे बहुत से लोगों की जान बच गई।