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Indore News: 198 करोड़ का महाघोटाला, ईओडब्ल्यू में जय नारायण चौकसे समेत कई पर FIR

Thu, 11 Sep 2025 07:49 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: शिकायतकर्ता अनिल संघवी के अनुसार, सोसाइटी के पदाधिकारियों ने एक ट्रस्ट बनाकर शैक्षणिक और सामाजिक सेवाओं के लिए मिले धन का दुरुपयोग किया। इस घोटाले का अनुमानित मूल्य ₹198 करोड़ है।
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आरोपी - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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आर्थिक अनियमितताओं और 198 करोड़ के कथित फर्जीवाड़े के आरोप में भोपाल स्थित आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इंदौर की एक फाउंडेशन सोसाइटी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में सोसाइटी के पदाधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ बुधवार को FIR दर्ज की गई है।
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जांच के बाद हुई कार्रवाई
शिकायतकर्ता अनिल संघवी (निवासी, विजयनगर, इंदौर) ने इस मामले में पूर्व में लोकायुक्त और EOW दोनों जगह शिकायत दर्ज कराई थी। इन शिकायतों की विस्तृत जांच के बाद, EOW के TI राजकुमार यादव ने बताया कि जय नारायण चौकसे, अनुपम चौकसे, धर्मेंद्र गुप्ता, श्वेता चौकसे, पूनम चौकसे, पूजा चौकसे और आशीष जायसवाल सहित अन्य लोगों के खिलाफ आर्थिक अपराध की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।
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शैक्षणिक ट्रस्ट का दुरुपयोग कर कमाए करोड़ों
शिकायतकर्ता अनिल संघवी ने आरोप लगाया कि आरोपी आस्था फाउंडेशन फॉर सोसाइटी के पदाधिकारी हैं। इस सोसाइटी का गठन शैक्षणिक गतिविधियों, अस्पताल और सामाजिक सेवाओं के संचालन के लिए किया गया था, लेकिन आरोपियों ने एक ट्रस्ट बनाकर इसका दुरुपयोग किया और अवैध रूप से आर्थिक लाभ कमाया।

21 दिनों में लिया 21 करोड़ का लोन
शिकायत के अनुसार, सोसाइटी ने SBI, ICICI, HDFC और UK बैंक से मात्र 21 दिनों के भीतर 21 करोड़ से अधिक का लोन लिया। इस राशि का उपयोग विभिन्न गतिविधियों में किया गया। इसी कड़ी में, LNCT कॉलेज के लिए भी SBI से 12 करोड़ का लोन लिया गया। आरोप है कि इन सभी लोन के लिए फर्जी खर्चों के बिलों का सहारा लिया गया।
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परिवार के सदस्यों को पहुंचाया गया अनुचित लाभ
EOW की जांच में सामने आया है कि सोसाइटी से जुड़ी अन्य इकाइयों, जैसे मेसर्स कल्चुरी कॉन्ट्रैक्ट लिमिटेड और सेफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज, में सोसाइटी के पदाधिकारियों ने अपने परिवार के सदस्यों को अनुचित लाभ पहुंचाया। इस वजह से सोसाइटी को करीब 8.22 करोड़ का नुकसान हुआ। इसके अलावा, कई संस्थानों में करोड़ों के लेन-देन में वित्तीय अनियमितताएं भी पाई गईं। डॉ. रमेश बदलानी पर भी करोड़ों के खर्चों को गलत मदों में दर्शाने का आरोप है। इस पूरे मामले की गहन जांच जारी है और EOW आगे की कार्रवाई कर रही है।
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