पुलिस ने रवि शंकर ओझा को पकड़ा है।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
इंदौर क्राइम ब्रांच ने दुबई यात्रा और वीजा कराने के नाम पर ठगी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। फरियादी से दुबई आने-जाने की फ्लाइट टिकट, ट्रैवलिंग वीजा और होटल्स बुकिंग के नाम पर लगभग 10 लाख रुपये ऑनलाइन ठग लिए गए थे। आरोपी ने यह कबूल किया है कि उसने देश के विभिन्न शहरों में इसी तरह से कई लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाया है। वारदात के बाद आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा और हर बार नया सिम कार्ड इस्तेमाल करता था। आरोपी के खिलाफ थाना अपराध शाखा इंदौर में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पैसे लेकर बंद कर दिया फोन
क्राइम ब्रांच द्वारा फरियादी की शिकायत पर कार्रवाई की गई, जिसमें बताया गया था कि आरोपी ने दुबई यात्रा की व्यवस्था के नाम पर अलग-अलग तरीकों से 10 लाख रुपये ले लिए और बाद में न तो ट्रैवलिंग वीजा दिया, न एयर टिकट और न ही होटल्स बुकिंग कराई। जब फरियादी ने अपने पैसे वापस मांगने की कोशिश की तो आरोपी ने कॉल उठाना बंद कर दिया और संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया।
एमबीए पढ़ा हुआ है आरोपी
आरोपी रवि शंकर ओझा, जो झारखंड का निवासी है, उसे गुरुग्राम, दिल्ली NCR से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी MBA की पढ़ाई कर चुका है और गुरुग्राम में प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट कंपनी में नौकरी करता था। साथ ही वह "एक्सप्लोरर कंपनी" नामक संस्था का संचालन करता था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह देश के अन्य शहरों में भी इसी तरह से कई लोगों को ठग चुका है।आरोपी ने ठगी के बाद खुद को बचाने के लिए विभिन्न राज्यों में फरारी काटी। उसने इस दौरान 40-50 सिम कार्ड और मोबाइल फोन बदले। लखनऊ, उत्तर प्रदेश में भी उसने "रोजी ट्रेवल्स" नाम से एक फर्जी कंपनी खोलकर कई लोगों को ठगा। इसके बाद वह झारखंड भाग गया और फिर दिल्ली NCR में शरण ली। आरोपी इससे पहले छत्तीसगढ़ में भी धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपने ठगी के दौरान जिन लोगों का सहयोग लिया, उनकी भी पहचान की जा रही है। ऐसे सभी सहयोगियों को सह-आरोपी बनाया जाएगा और जांच के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।