आर्थिक संकट से जूझ रहे डिलीवरी कंपनी के ड्राइवर ने छह माह से वेतन न मिलने के कारण आत्महत्या कर ली। सोमवार रात ड्राइवर ने कंपनी के सुपरवाइजर से फोन पर बात करने के कुछ देर बाद ही जहर खा लिया। परिजनों और पड़ोसियों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मंदिर में मिला बेसुध हालत में
परदेशीपुरा पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान वासुदेव माली (45) पुत्र पन्नालाल माली के रूप में हुई है। बताया गया कि वह घर पर जहर पीने के बाद पास के मंदिर में जाकर बैठ गया था। जब वह बेसुध हालत में मिला, तो पड़ोसियों ने भतीजे अनिल को सूचना दी। अनिल तुरंत मौके पर पहुंचा और वासुदेव को अस्पताल ले गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
छह माह से रोकी गई थी सैलरी
मृतक के भतीजे अनिल ने पुलिस को बताया कि वासुदेव मल्टी डिलीवरी कंपनी में ड्राइवर के रूप में कार्यरत थे। बीते छह माह से उनकी सैलरी कंपनी ने रोक रखी थी। घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही थी और वह लगातार कंपनी से वेतन मांगते थे। हर बार उन्हें टाल दिया जाता था, जिससे वे गहरी परेशानी में थे।
मां और बीमार भाई का सहारा था वासुदेव
अनिल ने बताया कि वासुदेव ही घर का एकमात्र सहारा थे। परिवार में उनकी वृद्ध मां और बीमार भाई हैं, जिनकी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। सोमवार रात भी उन्होंने कंपनी के सुपरवाइजर राहुल जैन से फोन पर बातचीत की थी, जिसके कुछ देर बाद उन्होंने यह कदम उठा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।