फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: 2000 फर्जी जमीन डायरी, कई बदमाशों को दिलवाई जमानत, 50 लोगों का गैंग

Sun, 03 Aug 2025 06:10 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: अदालतों में फर्जी जमानत देने वाले आरोपी को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। चाचा-भतीजा द्वारा संचालित इस नेटवर्क ने 2000 से अधिक फर्जी जमीन की डायरियां छपवा रखी थीं, जिनके जरिए बदमाशों को जमानत दिलाई जाती थी।
विज्ञापन
सुभाष पाल - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर और आसपास के न्यायालयों में फर्जी जमानत देने वाले कुख्यात चाचा-भतीजा गिरोह के 38वें सदस्य को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया है कि यह गिरोह 50 से अधिक सदस्यों वाला एक संगठित नेटवर्क है, जो वर्षों से फर्जी जमानत देने का धंधा कर रहा है। गिरोह ने अब तक 2000 से ज्यादा फर्जी जमीन की डायरियां छपवाई हैं और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कई बदमाशों की जमानतें करवाई हैं। कई बदमाश तो जमानत पर छूटने के बाद फरार भी हो चुके हैं। वहीं गिरोह के कई सदस्य अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनकी तलाश जारी है।
विज्ञापन


गिरोह का मास्टरमाइंड चाचा-भतीजा, दो प्रिंटिंग प्रेस से छपती थीं फर्जी डायरियां
इस गिरोह का पर्दाफाश क्राइम ब्रांच ने कुछ साल पहले किया था। गिरोह का सरगना प्रकाश और उसका भतीजा करण है, जबकि बाकी सदस्य इंदौर समेत आसपास के शहरों के रहने वाले हैं। गिरोह के काम करने का तरीका भी बेहद सुनियोजित है। इन्होंने फर्जी जमीन की 2000 से अधिक डायरियां छपवा रखी हैं, जिन्हें इंदौर के सदर बाजार और सिख मोहल्ला क्षेत्र की दो प्रिंटिंग प्रेसों में छपवाया गया था। एक डायरी से चार-पांच जमानतें देने के बाद वही जानकारी लेकर नई डायरी तैयार कर ली जाती थी और फिर उसी से अगली फर्जी जमानत की जाती थी।

दस साल से चल रहा था फर्जीवाड़ा, हर सदस्य ने की कई फर्जी जमानतें
इस गिरोह की सक्रियता इंदौर, उज्जैन, देवास, महू, खरगोन सहित कई न्यायालयों में बीते दस वर्षों से बनी हुई थी। गिरोह का हर सदस्य 10 से 20 बदमाशों की फर्जी जमानत कर चुका है। खास बात यह है कि इनमें से कुछ आरोपी स्वयं भी फर्जी जमानत पर रिहा हो चुके हैं। हाल ही में एक मामले सलोनी केस में फर्जी जमानत का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने इस गिरोह की फिर से पड़ताल शुरू की। विशेष टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो फरार आरोपियों की तलाश में लगी हुई है।
विज्ञापन


बाणगंगा से पकड़ा गया आरोपी, कई फर्जी दस्तावेज बरामद
हाल ही में पुलिस ने गिरोह से जुड़े दांगी, अकरम उर्फ बिजली (निवासी खजराना), रमेश कलौता (निवासी हातोद) और अब सुभाष पाल (निवासी बाणगंगा) को गिरफ्तार किया है। सुभाष पाल पर धोखाधड़ी का केस दर्ज था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। उसने भी कई अपराधियों की फर्जी जमानतें करवाई थीं। डीसीपी क्राइम राजेश कुमार त्रिपाठी ने जानकारी दी कि गिरोह के कई सदस्य अब भी फरार हैं और उनकी पहचान की जा चुकी है। आरोपियों के पास से 10 से अधिक फर्जी डायरियां बरामद हुई हैं। पुलिस अब कोर्ट से फर्जी जमानत की जानकारी जुटा रही है ताकि संबंधित आरोपियों की जमानत रद्द करवाई जा सके। अब तक पकड़े गए चार आरोपियों ने मिलकर 20 से अधिक बदमाशों की फर्जी जमानत देने की बात स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें