इंदौर बायपास पर ब्रिज का निर्माण।
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इंदौर के बायपास पर एमआर-10 जंक्शन पर थ्री लेयर फ्लायओवर का निर्माण शुरू हो गया है। दो साल में फ्लायओवर का निर्माण पूरा होगा। यह देश का सबसे बड़ा पियर कैप बनाया जा रहा है। जिसकी चौड़ाई 27 मीटर रहेगी। इस पियर कैप के उपर ही गर्डर रखे जाते है।
जंक्शन पर इसके निर्माण की जरुरत इसलिए है,क्योकि फ्लायओवर की नीचे से भी ट्रैफिक गुजरेगा। इसका निर्माण साइट पर ही होगा। पियर कैप की लंबाई 4.5 मीटर रहेगी। बायपास से प्रतिदिन गुजरने वाले 35 हजार से ज्यादा भारी वाहनों के हिसाब से फ्लायओवर डिजाइन किया जा रहा है।
फ्लायओवर का एक हिस्सा जंक्शन पर बंगाली चौराहे की तरफ होगा, जबकि दूसरा सिरे का निर्माण बेस्ट प्राइस के पास से होगा। डेढ़ किलोमीटर लंबाई के इस पुल के मध्य में सड़क होगी, जिससे बायपास के दूसरी तरफ ट्रैफिक जा सकेगा,जबकि सड़क के नीचे इंदौर हरदा मार्ग को जोड़ने के लिए अंडर पास बन रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यह थ्री लेयर ब्रिज का निर्माण इसलिए कर रहा है,क्योकि यह देश के दो प्रमुख मार्गों का जंक्शन है। आगरा-मुबंई मार्ग के अलावा अहमदाबाद-नागपुर हाइवे भी इस जंक्शन से क्राॅस होगा।
सुंदर भी होगा फ्लायओवर
एनएचएआई अफसरों के अनुसार मुंबई के सी लिंक की तरफ ब्रिज पर एस्थेटिक केबल से लाइटिंग की जाएगी, ताकि यह सुंदर दिखे। यह फ्लायओवर इंदौर की एंट्री का भी मुख्य मार्ग है। यहां से ज्यादातर वाहन शहर आ जा सकेंगे।
इंदौर की तरफ आने वाले ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए बेस्ट प्राइज के पास एक अंडरपास बनेगा। फिलहाल वाहनों को झलारिया अंडरपास से एमआर-10 जंक्शन पर आना पड़ता है। इस फ्लायओवर के निर्माण से इंदौर अहमदाबाद मार्ग का ट्रैफिक पूर्वी बायपास से जुड़ जाएगा। सुपर काॅरिडोर को भी धार रोड से जोड़ा जा रहा है। इंदौर नागपुर हाइवे भी जंक्शन से शुरू हो रहा है। इस तरह तीन राष्ट्रीय राजमार्गों का तिराहा यह फ्लायओवर भविष्य में होगा।