फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: इंदौर कलेक्टर का बड़ा एक्शन, एक साथ तीन पटवारी सस्पेंड, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

Thu, 04 Dec 2025 08:00 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने राजस्व कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने पर महू के तीन पटवारियों को निलंबित कर दिया है। इन पटवारियों ने उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद सरकारी जमीन को निजी बताकर उसका डायवर्शन कर दिया था। 
विज्ञापन
कलेक्टर शिवम वर्मा - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्व कार्यों में लापरवाही और सरकारी जमीन के मामले में अनियमितता बरतने पर इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ने महू तहसील के तीन पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें...
Indore News: महिला कांस्टेबल ने लगाई फांसी, पति की मौत के बाद मिली थी पुलिस में नौकरी

किस पर हुई कार्रवाई
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार निलंबित किए गए पटवारियों में आशीष कटारे, अनिता चौहान और मेघा शर्मा शामिल हैं। निलंबन की अवधि के दौरान इन तीनों का मुख्यालय देपालपुर निर्धारित किया गया है। यह कार्रवाई महू तहसील के ग्राम सांतेर में खसरा नंबर 68/1 और 69/1 से जुड़े राजस्व प्रकरण में गंभीर गड़बड़ी पाए जाने पर की गई है।
विज्ञापन


क्या है पूरा मामला
कलेक्टर शिवम वर्मा ने जानकारी दी कि महू तहसील में एक सरकारी जमीन से जुड़ा मामला उनके संज्ञान में आया था। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उक्त जमीन को सरकारी घोषित किया जाना था। जांच में पाया गया कि सरकारी होने के बावजूद वहां एक अतिरिक्त सर्वे नंबर बनाया गया जो निजी रखा गया। इतना ही नहीं, सरकारी नंबर होने के बावजूद उसका डायवर्शन भी कर दिया गया, जो कि नियमों के विरुद्ध था।
विज्ञापन


जांच में खुली पोल
जब मामले की गहराई से पड़ताल की गई तो पता चला कि इन तीनों पटवारियों ने लापरवाही बरती थी। इनके द्वारा ही वह नंबर बनाया गया था और उसे शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया था। इसी आधार पर तीनों को सस्पेंड किया गया है। कलेक्टर ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आगे की जांच में अगर कोई नए तथ्य सामने आते हैं, तो उसके आधार पर और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित भूमि को शासकीय घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें