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Indore News: रिंग रोड पर हादसों और ट्रैफिक जाम ने बढ़ाई चिंता, अधिकारियों के साथ पहुंचे कलेक्टर

Thu, 09 Jul 2026 06:38 AM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में मानसून की शुरुआत के साथ ही नगर निगम की नई सड़क मरम्मत तकनीक सवालों के घेरे में आ गई है। चार दिन पहले वॉटर-बेस्ड कोल्ड मिक्स तकनीक से भरे गए गड्ढे लगातार बारिश के बाद दोबारा उभर आए हैं। विजय नगर समेत कई इलाकों में पेचवर्क उखड़ने से सड़कें फिर खराब हो गई हैं।
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बारिश और हादसों के बीच रिंग रोड के तीन ओवरब्रिज पर कलेक्टर का निरीक्षण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर में मानसून की दस्तक के साथ ही सड़कों पर गड्ढे फिर से दिखाई देने लगे हैं। नगर निगम ने चार दिन पहले नई तकनीक से बारिश के बीच गड्ढे भरने का काम शुरू किया था और दावा किया था कि यह पेचवर्क कीचड़ और पानी में भी लंबे समय तक टिकेगा। लेकिन लगातार हो रही बारिश के बीच यह दावा चार दिन भी नहीं टिक सका। जिन स्थानों पर पेचवर्क किया गया था, वहां दोबारा गड्ढे नजर आने लगे हैं।

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ब्रिज निर्माण से सर्विस रोड की हालत खराब
शहर में आठ से अधिक स्थानों पर ब्रिज निर्माण का काम चल रहा है। इसके चलते सर्विस रोड पहले से ही क्षतिग्रस्त हैं। बारिश के दौरान जलभराव होने से सड़कें और तेजी से उखड़ रही हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पिछले साल भी गड्ढों को लेकर हुआ था विवाद
इंदौर में पिछले वर्ष भी सड़कों पर गड्ढों का मुद्दा काफी चर्चा में रहा था। तब वर्षाकाल समाप्त होने के बाद पेचवर्क कराया गया था। इस बार नगर निगम ने बारिश के दौरान ही गड्ढे भरने का काम शुरू किया, लेकिन शुरुआती बारिश में ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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विजय नगर में सबसे पहले उखड़ा पेचवर्क
नगर निगम ने सबसे पहले विजय नगर क्षेत्र की सड़कों पर नई तकनीक से गड्ढे भरे थे। हालांकि पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के बाद यहां पेचवर्क फिर उखड़ गया और सड़कें दोबारा गड्ढों में तब्दील हो गईं। अब शहरवासियों को पूरे वर्षाकाल के दौरान खराब सड़कों और गड्ढों की समस्या झेलनी पड़ सकती है। हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा गठित समिति के अध्यक्ष ने भी बैठक में कहा था कि सड़कों पर गड्ढे दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनते हैं और इस दिशा में गंभीरता से काम करने की जरूरत है।

नई तकनीक को लेकर किए गए थे बड़े दावे
नगर निगम के अधिकारियों ने नई तकनीक को लेकर दावा किया था कि इसमें न तो गर्म डामर की आवश्यकता होती है और न ही पेचवर्क से पहले सड़क की सतह को सुखाने की जरूरत पड़ती है। अधिकारियों के अनुसार, वॉटर-बेस्ड कोल्ड मिक्स डामर का उपयोग सीधे गीले या पानी से भरे गड्ढों में किया जा सकता है। इसे बिना गर्म किए और बिना सतह सुखाए इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे मरम्मत का काम तेज और कम लागत में पूरा होने का दावा किया गया था। नगर निगम का यह भी कहना था कि यह तकनीक आपातकालीन परिस्थितियों, ग्रामीण क्षेत्रों और हर मौसम में सड़क मरम्मत के लिए उपयुक्त है तथा भारी ट्रैफिक और कठिन परिस्थितियों में भी लंबे समय तक टिकाऊ साबित होगी। हालांकि शुरुआती बारिश में ही इसके दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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