इंदौर में स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 की तैयारियों को लेकर नगर निगम ने अपनी योजनाओं और प्रयासों को नई दिशा दी है। इसी कड़ी में गुरुवार को नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और एनजीओ प्रतिनिधियों के लिए स्वच्छता जागरूकता और कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रविंद्र नाट्य गृह सभागृह में आयोजित हुआ, जहां आयुक्त शिवम वर्मा और अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को स्वच्छता सर्वेक्षण की बारीकियों और उसकी आवश्यकताओं पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में नगर निगम के स्वास्थ्य अमले और एनजीओ प्रतिनिधियों को बताया गया कि स्वच्छता के प्रति नागरिकों में जागरूकता कैसे लाई जाए और किस प्रकार शहर को स्वच्छता में एक बार फिर से शीर्ष स्थान पर लाने के लिए कार्य किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि सफाई से जुड़े हर पहलू पर ध्यान दिया जाना चाहिए, चाहे वह कचरा प्रबंधन हो, सड़क और सार्वजनिक स्थानों की सफाई हो, या फिर नागरिकों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाना हो।
एनजीओ टीम को भी सम्मानित किया जाएगा
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को उनके सवालों के जवाब दिए गए और उनसे जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर आयुक्त शिवम वर्मा ने घोषणा की कि स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वार्ड की एनजीओ टीम को भी सम्मानित किया जाएगा। यह घोषणा सभी प्रतिभागियों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना जगाने के उद्देश्य से की गई थी। स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर ने लगातार सात बार पहला स्थान प्राप्त किया है, और आठवीं बार भी यही उपलब्धि हासिल करने के लिए नगर निगम कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। इस पाठशाला का आयोजन इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए किया गया था, ताकि सभी कर्मचारी और एनजीओ प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सकें और मिलकर काम कर सकें। इसके साथ ही, कार्यक्रम ने नागरिकों को भी स्वच्छता में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया। आयुक्त वर्मा ने कहा कि नगर निगम का मुख्य उद्देश्य शहर को न केवल स्वच्छता में नंबर एक बनाए रखना है, बल्कि स्वच्छता के माध्यम से एक ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें सभी नागरिक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकें।