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Indore News: शादी भी नहीं हुई, कर्ज में डूबे गरीब, बाल विवाह रुकवाने के बाद प्रशासन दिखा रहा पीठ

Thu, 01 May 2025 07:10 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाहों को रोका गया, लेकिन जिन गरीब परिवारों ने कर्ज लेकर शादी की बुकिंग की थी, उन्हें अब तक पैसे नहीं मिले। प्रशासन ने सेवा प्रदाताओं को नोटिस तो दिए, पर परिवार अब भी दर-दर भटक रहे हैं।
 
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विस्तार
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महिला एवं बाल विकास विभाग ने बाल विवाह रोकने में मुस्तैदी दिखाई और कई परिवारों के बच्चों का विवाह रुकवा दिया। परिवारों को यह समझाइश दी गई कि वे बच्चों के बालिग होने पर उनका विवाह करें और उनके द्वारा विवाह के लिए जो भी बुकिंग करवाई गई है वह सभी राशि प्रशासन के द्वारा वापस करवाई जाएगी। इनमें घोड़ी, बग्घी, टेंटवाले, भोजन वाले शामिल हैं। अब आश्वासन देने वाले नदारद हो गए हैं और पैसे लेने वाले गरीब परिवार चक्कर लगा रहे हैं। कई परिवारों ने कर्ज लेकर शादी की तैयारी की थी लेकिन शादी भी नहीं हुई और वे कर्ज में भी डूब गए। इनमें से अनेक परिवार डर की वजह से सामने आने से भी बच रहे हैं। 
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अधिकारियों ने नोटिस देकर पैसे वापस देने को कहा
प्रशासन की सख्ती और तय नियमों के आधार पर बाल विवाह निरोधी उड़नदस्ता छापामार कार्रवाई कर बाल विवाह तो रोक रहा है, लेकिन उनकी यह कार्रवाई गरीब परिवारों के लिए गले की हड्डी बन रहा है। विभागीय अधिकारियों ने शादी में खाने से लेकर टेंट वाले और घोड़-बग्घीवालों को पैसे लौटाने के नोटिस तो दे दिए, लेकिन प्री बुकिंग के पैसे अब तक परिवारजनों को नहीं मिल सके हैं। 
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बैंड, बारात और रसोइये को भी सजा का प्रावधान
शंकर कुमार का बगीचा निवासी उमराव पंवार की बेटी और बेटे के विवाह समारोह पर प्रशासन ने छापामार कार्रवाई करते हुए सेवाप्रदाताओं से पैसे वापस दिलाने का वादा भी किया था। उमराव पंवार बताते हैं कि पैसे तो मिले नहीं लेकिन उन्हें धक्के ही नसीब हो रहे हैं। ज्ञात हो कि बाल विवाह प्रतिशेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत सेवा देने वाले पंडित, मौलवी, घोड़ा, बग्घी, बैंड, मांगलिक भवन, रसोइये तक को सजा दिलाने का प्रावधान है, लेकिन विभाग ने उन्हें सिर्फ पैसे वापस करने का नोटिस थमाया है। अब तक किसी के भी खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। 
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पल्ला झाड़ रहे अधिकारी 
ज्ञात हो कि 29 अप्रैल को राजू राठौर कुशवाह नगर इंदौर की पुत्री से उमराव पंवार के बेटे का विवाह तय किया गया था, लेकिन दोनों ही नाबालिग थे। इस पर दूल्हे ने एतराज लेते हुए विभाग से अपील की थी कि वे बुकिंग के रुपए वापस कराएं, जिसके बाद पालीवाल धर्मशाला कुलकर्णी भट्टा, रघुवंशी धर्मशाला, मरीमाता चौराहा, छोटे चाचा घोड़ागाडी वाले रानीपुरा के साथ सांई डीजे साउंड सिस्टम गणराज नगर के खिलाफ नोटिस जारी किया गया, लेकिन आज तक परिवार राशि प्राप्त करने के लिए दर-दर भटक रहा है। 
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