इंदौर में 83 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग का लोकार्पण बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में समान नागरिक संहिता वर्षाकालीन सत्र में मंजूर कराई जाएगी। इसके लिए हमने 55 जिलों से सुझाव लिए। चाहें तो हम चुपचाप विधानसभा में इसे मंजूर कर सकते हैं, लेकिन हम सभी वर्गों का विकास चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर का भारत एक अलग पहचान बना रहा है। देश की बेहतरी के लिए कई कड़े फैसले लिए गए। देश की अर्थव्यवस्था को मोदी सरकार ने बेहतर बनाया है। कांग्रेस के शासनकाल के 55 वर्षों में मध्य प्रदेश में पांच मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन अब प्रदेश में साढ़े पांच हजार यूजी सीटें हो गई हैं।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जिला अस्पताल की जमीन पर पहले डेयरी हुआ करती थी। इस अस्पताल के लिए जनप्रतिनिधियों ने संघर्ष किया है। अब 300 बिस्तरों का अस्पताल बना है। केंद्र से लेकर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर ध्यान दिया है।
मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता पर काम किया है। प्रदेश में भाजपा के शासनकाल में कई मेडिकल कॉलेज खुले हैं। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर में एमवाय अस्पताल के बाद जिला अस्पताल सबसे बड़ा अस्पताल होगा, जहां गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इंदौर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका फायदा मिलेगा। विधायक मालिनी गौड़ ने कहा कि शहर को जिला अस्पताल का इंतजार था। लंबे समय बाद इसकी सौगात मिली है। इससे शहरवासियों को समय पर उपचार मिलेगा।