शिप्रा गांव के आयोजन में मुख्यमंत्री मोहन यादव।
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इंदौर जिले के अर्जुन बड़ौद गांव में आयोजित भागवत कथा के समापन पर 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में रविवार को हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उत्तम स्वामी से आशीर्वाद लिया। सीएम ने अपने संबोधन में जनता को अनावश्यक खर्च रोकने और खर्चीले आयोजनों से बचने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष चल रहा है। भारत को आगे ले जाना है तो संघ के ही सूत्र वाक्य से आगे बढ़ना होगा। समाज की कमजोरियों को दूर हटाना होगा। सामाजिक विभिन्नता के बजाय सामाजिक समरसता का संदेश देना होगा। यह सिर्फ कहने से नहीं होगा। इसे करना भी होगा। मैंने अपने बेटे का सामूहिक विवाह में शादी कराई। उसमें अलग ही आनंद की अनुभूति हुई।
दिखावा न करें, बच्चों को पढ़ाएं
उन्होंने कहा कि दायित्व के आधार पर हम मंत्री, मुख्यमंत्री, उद्योगपति हो जाएं तब भी हम क्यों दिखावा करें। हमें सबके साथ आनंद में शामिल होना चाहिए। छोटा आदमी कई बार इस तरह के बड़े नाटक देखता है तो उसे कष्ट होता है। कई बार वह कर्ज लेकर दिखावा करता है और आने वाले जीवन को कष्ट में डालता है। इससे बचने की जरूरत है। अनावश्यक खर्चों को रोकें, विवाह के खर्चीले आयोजन, मौत मय्यत के भंडारे, नुक्ते, घाटे करने से रोकना चाहिए। अपने बच्चों को पढ़ाना चाहिए।
करोड़ों बार स्नान के तुल्य है कन्यादान
उत्तम स्वामी ने कहा कि एक तीर्थ में करोड़ों बार स्नान करने का पुण्य यदि प्राप्त करना हो तो उसे कन्यादान में प्राप्त किया जा सकता है। यह शास्त्रों में कहा है। मरने के बाद पुत्र मोक्ष दे, इसमें संदेह है, लेकिन कन्यादान होना मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। जीवन में कुछ हो चाहे न हो, लेकिन कन्यादान जीवन का श्रेष्ठ पुण्य है। स्वामीजी ने कहा कि शिप्रा नदी बहुत गंदी है। हम चाहते हैं कि सिंहस्थ से पहले शिप्रा शुद्ध हो। साधु संतों के अखाड़ों के साधु संत निर्मल जल में डुबकी लगाएं। समारोह में विधानसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री तुलसी सिलावट, भाजपा नेता तपन भौमिक भी मौजूद थे।