छठ महोत्सव में मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हुए।
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इंदौर में भी छठ महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। शहर में डेढ़ सौ स्थानों पर कुंड में डूबते सूर्य को पूर्वांचल से इंदौर में बसे परिवारों ने अर्घ्य दिया। इंदौर के विजय नगर के छठ महोत्सव में मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हमारी मातृ सत्ता की संस्कृति का आधार ही माताएं बहनें है। वे अपने जीवन के कष्टों को सहन कर अपने पति, संतान की लंबी उम्र की कामना करती है। वे कष्ट भी आनंद के साथ सहन करती है। छठ महोत्सव पर सूर्यदेवता की पूजा होती है। हम सूर्यदेवता से जीवन पाते है।
उन्होंने कहा कि बिहार से मालवा का संबंध एक हजार साल पुराना है। यहां आक्रमण हुआ तो राजा भोज पूर्वाचल गए, अपने साथ भाषा भी लेकर गए। इस कारण बिहार से हमारा संबंध और मजबूत हो गया। विक्रमादित्य काल के पहले भी सम्राट अशोक मालवा के गर्वनर के रुप में अपनी सत्ता उज्जैन से चलाते थे।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बिहार का आदमी दिल का साफ होता है और मुंह पर बेबाक बात करता है। इसका आनंद भी अलग होता है। उसमें मिठास भी होती है और ऊर्जा भी होती है। हर काल में पूर्व की तरफ से आने वाली कठिनाई को झेलकर पूरे देश की समृद्धि की कामना बिहार करता है। अब समय बदला है। हमे अपनी संस्कृति को गर्व करने का मौका मिल रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण संभव हुआ है। कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपनी बात रखी।
गूंजे छठ मैय्या के गीत, हुई आतिशबाजी
पूर्वांचल के परिवारों ने छठ माता का पर्व इंदौर में धूमधाम से बनाया। महिलाएं पारंपरिक परिधानों में कुंड तक आई और सूर्य को अर्घ्य देने के साथ अपने परिवार की समृृद्धि के लिए प्रार्थना की। छठ मैय्या के गीत भी माहौल को और भक्तिपूर्ण बना रहे थे। आतिशबाजी कर भी पर्व की खुशियां मनाई गई।