तीन दिवसीय छठ पूजा का समापन मंगलवार सुबह पूर्वांचाल से इंदौर में बसे परिवारों ने सूर्य को अर्घ्य देकर किया। छठ महोत्सव के लिए शहर में बने 150 से ज्यादा कुंडों में सुबह से ही भक्तिमय माहौल था व्रती महिलाएं और पुरुष घाट व तालाबों में खड़े होकर सूर्य देव को जल अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की दीर्घायु की कामना करते नजर आए। सूर्य को अर्घ्य देने के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास भी पूरा हुआ और अर्घ्य के बाद व्रत का पारण कर लोक आस्था के इस पर्व को पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया।
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रात में पूरी पवित्रता से बनाया गया प्रसाद व्रतधारियों ने ग्रहण किया। इस वर्ष छठ पूजा शहर के अलग-अलग हिस्सों से बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ की गई। घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े और विधिवत पूजा-अर्चना की। नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए थे, जिसमें सफाई, रंग-रोगन बिजली व्यवस्था शामिल थी।
शहर के अस्थाई कुंडों पर भक्ति गीतों की गूंज, पारंपरिक संगीत और प्रसाद वितरण के साथ छठ पूजा का समापन हुआ। सबसे ज्यादा भीड़ बाणेश्वरी कुंड और पिपलियाहाना तालाब पर थी। दमकते हुए दीपक और छठ मैय्या के गीत एक अलग ही माहौल पूजा स्थलों पर निर्मित कर रहे थे।
सुबह से ही महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में पिपलियाहाना तालाब पर पहुंच गए थे। गुलाबी ठंड के बीच बादलों की टुकड़ी में से सूर्यदेवता निकले तो लोगों ने उनसे परिवार की खुशी और समृद्धि की प्रार्थना की। इंदौर में राऊ, विजय नगर, संगम नगर, तुलसी नगर, बाणगंगा सहित कई इलाकों में छठ पूजा हुई। विजय नगर के कार्यक्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए थे।