देर रात एक महिला को मलबे में से निकाला
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
मलबे में दबे लोगों ने लगाया मदद के लिए फोन
बिल्डिंग ज्यादा पुरानी नहीं होने के कारण मलबे में तब्दील नहीं हुई। इस कारण जो लोग भीतर फंसे हैं उनमें से कुछ लोग फोन भी लगा रहे हैं। बचाव में जुटे रहवासियों को उन्होंने फोन करके अपनी हालत बताई है। एक घायल ने बताया कि उनका पैर फंसा हुआ है लेकिन वह सुरक्षित है।
बिल्डिंग में चार परिवार रहते हैं
शादाब अंसारी नाम के युवक ने बताया कि बिल्डिंग में 4 परिवार रहते थे। सभी परिवारों में मिलाकर 15 के आसपास सदस्य हैं। बताया जा रहा है कि पांच से ज्यादा लोग अभी भी बिल्डिंग में दबे हैं।
घायलों में दो बच्चे शामिल
अल्ताफ उम्र 28 वर्ष, रफीउद्दीन 60 वर्ष, यासिरा 3 माह, नबी अहमद 7 वर्ष, सबिस्ता अंसारी 28 वर्ष, सेबुद्दीन 62 वर्ष, सलमा बी 45 वर्ष, आलिया अंसारी 23 वर्ष, शाहिदा अंसारी 55 वर्ष, अमीनुद्दीन 40 वर्ष।
मेयर, कलेक्टर व पुलिस आयुक्त भी पहुंचे
हादसे की सूचना मिलते ही मेयर पुष्य मित्र भार्गव, कलेक्टर शिवम वर्मा और पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्यों के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों को तत्काल व समुचित इलाज के भी अधिकारियों को निर्देश दिए।