आयोजन में हजारों की संख्या में कारें शामिल होंगी
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
संविधान दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री एवं कार्यक्रम संयोजक बलजीत सिंह चौहान द्वारा शहर में संविधान गौरव यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। शहर की अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए संविधान दिवस के उपलक्ष्य में 24 नवंबर, रविवार को जागरूकता के लिए संविधान गौरव यात्रा का आयोजन किया गया है। यह यात्रा सुबह 9 बजे विजय नगर से महू वेटरनरी कॉलेज तक निकाली जाएगी।
ट्रैफिक जाम से बचाना बड़ी चुनौती
यात्रा में केवल कारों का ही उपयोग किया जाएगा। इस आयोजन में हजारों की संख्या में कारें शामिल होंगी, जो संविधान के प्रति जागरूकता और सम्मान का संदेश देंगी। यात्रा के लिए ट्रैफिक जाम एक बड़ी चुनौती होगी और बलजीत का कहना है कि पुलिस और प्रशासन के साथ कार्यकर्ता पूरा सामंजस्य करेंगे। जनता को कहीं पर भी परेशानी नहीं होने दी जाएगी। बलजीत ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को संविधान के महत्व के प्रति जागरूक करना और संविधान दिवस के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री एवं कार्यक्रम संयोजक बलजीत सिंह चौहान ने बताया कि संविधान हमारी एकता और अखंडता का प्रतीक है और हर नागरिक को इसके महत्व को समझना चाहिए।
प्रदेशभर की भागीदारी
बलजीत ने बताया कि इस भव्य यात्रा में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में कार वाहन शामिल होंगे, जो संविधान के महत्व और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से एकत्रित होंगे। यात्रा का प्रारंभ विजय नगर मैदान से होगा, जहां कारों का एकत्रीकरण किया जाएगा। यह आयोजन संविधान के प्रति सम्मान और जागरूकता फैलाने का प्रतीक बनेगा। यात्रा की शुरुआत गीता भवन चौराहे पर स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ होगी। इसमें लाल सिंह आर्य (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा), गुरु प्रकाश पासवान (राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा), कैलाश विजयवर्गीय (कैबिनेट मंत्री), पुष्यमित्र भार्गव (महापौर) सहित भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।
संविधान दिवस का ऐतिहासिक महत्व
बलजीत ने कहा कि संविधान दिवस, जिसे हम हर साल 26 नवंबर को मनाते हैं, भारत के इतिहास का एक ऐसा दिन है जो हमारे लोकतंत्र की नींव को दर्शाता है। यह वह ऐतिहासिक दिन था जब 1949 में संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंगीकृत (Adopt) किया। हालांकि, यह संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ और भारत को एक गणराज्य के रूप में स्थापित किया।