इंदौर के पास स्थित जामगेट पर हाल ही में एक गंभीर अपराध की घटना सामने आई है। इसमें दो आर्मी अफसरों के साथ लूटपाट, मारपीट और एक महिला मित्र से कथित गैंगरेप शामिल है। इस मामले में सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गैंगरेप की बात भी कबूल कर ली है। पीड़िता के बयान नहीं हुए हैं और मेडिकल में भी गैंगरेप पर साफ जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस अधिकारी इस पर बोलने से बच रहे हैं।
गुरुवार को पकड़े गए थे तीन आरोपी
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की और कई थानों की टीमों को आरोपी गिरफ्तार करने के लिए तैनात किया। इंदौर ग्रामीण एसपी हितिका वासल ने बताया आरोपियों की तलाश में 10 थानों की टीमें लगाई गई थीं। शुक्रवार को फरार आरोपी रोहित पिता ज्ञान सिंह गिरवाल निवासी नंदगांव, संदीप पिता दिनेश सिंह वारिया निवासी चैनपुर और सचिन पिता राधेश्याम मकवाना पकड़े गए हैं। इनके पहले गुरुवार को अनिल पिता मदन बारोर, पवन पिता लाल बंसूनिया और रितेश पिता देवेश भाभर को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया जा चुका है।
अनिल था मास्टरमाइंड
जांच के दौरान पता चला कि इस अपराध का मास्टरमाइंड अनिल था। अनिल एक शराब की दुकान पर काम करता था और मानपुर क्षेत्र में मुखबिरी करता था। 10 सितंबर की रात, जब अनिल जामगेट से गुजर रहा था, उसने म्यूजिक सुनकर वहां रुकने का निर्णय लिया। उसने देखा कि आर्मी अफसर और उनकी महिला मित्र कार में थे। अनिल ने इस मौके को भांपते हुए अपने साथियों को फोन कर बुलाया और कहा कि मामला अच्छा फंसा है, बढ़िया दांव हो जाएगा। इस सूचना के आधार पर आरोपियों ने मिलकर अपराध को अंजाम दिया।
अनिल ने ही कट्टा दिखाकर धमकाया
अनिल ने खुद कट्टे का उपयोग करके आर्मी अफसरों को धमकाया और उनके साथ लूटपाट की। इस दौरान एक महिला मित्र से कथित गैंगरेप की घटना भी सामने आई। घटना के मास्टरमाइंड के तौर पर अनिल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी और उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस सभी आरोपियों तक पहुंची।