गुवाहाटी जाने के दौरान प्रयागराज में रुककर भी विरोध प्रदर्शन किया गया।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने के लिए बड़ी संख्या में देशभर से लोग गुवाहाटी जा रहे हैं। गुवाहाटी में कल राज्यपाल और मुख्यमंत्री को इस विषय पर ज्ञापन दिया जाएगा। इस आंदोलन के लिए इंदौर से भी 60 लोग गुवाहाटी के लिए रवाना हो चुके हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। जनहित पार्टी के द्वारा देशभर में बांग्लादेशी घुसपैठिया भगाओ अभियान चलाया जा रहा है।
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रास्ते में हर जगह रैली और प्रदर्शन
पार्टी की इंदौर जिला ईकाई के अध्यक्ष स्वप्निल जोशी ने बताया भारत में अवैध रूप से रह रहे करोड़ो बांग्लादेशी घुसपैठिए देश की एकता एवं अखंडता के लिए खतरा हैं और भारत के संसाधनों पर अनावश्यक रूप से एक बोझ हैं। पिछले 1 वर्ष से भी अधिक समय से जनहित पार्टी द्वारा बांग्लादेशी घुसपैठिया भगाओ देश बचाओ अभियान सतत् चलाया जा रहा है। अब देशभर के सभी कार्यकर्ता गुवाहाटी पहुंच हैं। रास्ते में भी कार्यकर्ताओं ने देश के कई जिलों में रैली निकाली औऱ विरोध प्रदर्शन किए।
गुवाहाटी में धरने से शुरू हुआ था आंदोलन
इस अभियान की शुरुआत 11 नवंबर 2024 को असम की राजधानी गुवाहाटी में दिए गए धरने से हुई थी। इसके बाद 18 नवंबर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे स्वर्गीय रणवीर सिंह भदोरिया के समाधि स्थल से पूरे मध्य प्रदेश की चार माह की यात्रा निकाली गई। मध्य प्रदेश की यात्रा समाप्त होने के बाद झारखंड के संथाल परगने और उत्तर प्रदेश की बुंदेलखंड वाले इलाके में प्रत्येक जिले में भी यह यात्रा जन जागरण के लिए गई। राजस्थान के कई जिलों में आंदोलन चलाया गया।
500 नुक्कड़ सभाएं और 5 लाख पत्रक वितरण
इस महा अभियान में 500 से अधिक नुक्कड़ सभाएं 5 लाख से अधिक पत्रक वितरण और कई पत्रकार वार्ताएं संपन्न की गई। इसका असर यह हुआ है कि आज यह गंभीर विषय राजनीति के केंद्र में आया है।
बिहार चुनाव में मुद्दा बने बांग्लादेशी घुसपैठिए
इसी वर्ष 15 अगस्त के दिन लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घुसपैठियों का मुद्दा उठाया था। गृहमंत्री भी चुनावों में घुसपैठियों का मुद्दा उठाते आ रहे हैं। चुनाव आयोग ने भी SIR की प्रक्रिया चालू की है ताकि उनकी पहचान हो सके परंतु दुर्भाग्य से यह प्रक्रिया असम में अभी नहीं हो रही है। असम में तो 260 करोड़ रुपए का घोटाला भी इसी काम में हुआ है। इस घोटाले को स्वयं CAG ने रिपोर्ट किया है। इसके चलते 80 लाख बांग्लादेशी घुसपैठिए अपनी नागरिकता सिद्ध करने में सफल हुए हैं। अब वे कभी भी भारतीय नागरिक बन सकते हैं।
जनसहयोग से चल रहा आंदोलन
जनहित पार्टी द्वारा इसको लेकर मई 2025 में नई दिल्ली के जंतर मंतर पर एक दिवसीय धरना भी दिया गया था। अब भारत के अलग-अलग राज्यों से 200 कार्यकर्ता असम की राजधानी गुवाहाटी में पहुंचे हैं। वहां विभिन्न प्रकार से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन के तहत प्रदर्शन एवं ज्ञापन देंगे। प्रमुख बात यह है कि सभी कार्यकर्ता अपने खुद के खर्च पर गुवाहाटी गए हैं। राष्ट्रीय हित में चलाए जा रहे इस आंदोलन को पूरी तरह से जनसहयोग से चलाया जा रहा है।