सार
Indore News: रंगपंचमी के मौके पर इंदौर में बिजली कंपनी ने सुरक्षा कारणों से बड़ा कदम उठाया, जिससे करीब 30,000 उपभोक्ताओं को दिनभर बिजली संकट का सामना करना पड़ा। सुबह 9 बजे से बिजली गुल रही और शाम 4 बजे के बाद अलग-अलग इलाकों में सप्लाई बहाल की गई।
रंगपंचमी के अवसर पर इंदौर में गेर और फाग यात्रा के दौरान सुरक्षा कारणों से तकरीबन 30,000 उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। सुबह 9 बजे से लेकर शाम तक लोग बिजली के बिना रहे, जिससे कई लोगों को परेशानी हुई। बिजली सप्लाई शाम 4 बजे से अलग-अलग इलाकों में बहाल की गई, जबकि 5:30 बजे के बाद पूरी तरह से विद्युत व्यवस्था सुचारु हो सकी। अधिकतर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि आखिर बिजली क्यों बंद की गई थी, जिससे दिनभर असमंजस की स्थिति बनी रही।
बिजली कंपनी ने पहले से बनाई थी सुरक्षा योजना
रंगपंचमी पर शहरवासियों ने गेर और फाग यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लिया। रंग, गुलाल और पानी की बौछारों के बीच लोग मस्ती में झूमते रहे। इस दौरान कपड़े, पॉलिथीन और अन्य सामग्री हवा में उछाले जाने लगे, जो बिजली के तारों और ट्रांसफार्मरों पर अटक गए। बिजली कंपनी ने पहले से ही संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बड़ा गणपति, राजमोहल्ला, टोरी कॉर्नर, खजूरी बाजार, राजबाड़ा, कृष्णपुरा छत्री और आसपास के क्षेत्रों की बिजली बंद कर दी थी। इस कदम का उद्देश्य पानी और रंग के कारण फॉल्ट या करंट की किसी भी अनहोनी को रोकना था।
बिजली विभाग का अमला रहा सतर्क
बिजली कंपनी की ओर से कार्यपालन यंत्री सुनीलसिंह और योगेश अठनेरे ने बताया कि बिजली विभाग की टीम पूरी तरह सतर्क थी। पूरे गेर मार्ग पर 70 से अधिक लाइन स्टाफ, लाइनमैन, बिजली कर्मचारी और इंजीनियर तैनात रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। शाम 4 बजे के बाद सबसे पहले बड़ा गणपति और टोरी कॉर्नर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया गया। पूरी सतर्कता बरतते हुए पहले पेट्रोलिंग कर बिजली लाइनों को चेक किया गया, उसके बाद ही बिजली सप्लाई शुरू की गई।
बिजली बहाल होने पर लोगों ने ली राहत की सांस
बिजली कटौती से अनजान मध्य क्षेत्र के लोग दिनभर परेशान रहे और यह सोचकर अचंभित थे कि आखिर बिजली क्यों बंद कर दी गई। दिनभर लोग बिजली के आने का इंतजार करते रहे और कई लोगों को गर्मी व अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस दौरान सुभाष चौक पर अस्थायी कंट्रोल रूम बनाया गया, जहां झोन इंजीनियर भास्कर घोष अपनी टीम के साथ निगरानी कर रहे थे। आखिरकार, जब शाम को बिजली सप्लाई शुरू हुई, तो लोगों ने राहत की सांस ली और स्थिति सामान्य हो सकी।