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Indore News: ट्रैफिक जाम ने ली तीन लोगों की जान, इंदौर से भोपाल तक फंसे हैं लोग, नेता अधिकारी सब गायब

Fri, 27 Jun 2025 07:29 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर-देवास रोड पर शुरू हुआ भयंकर जाम तीन दिन के बाद भी नहीं खुल सका है। इस जाम में एक व्यक्ति की जान चली गई। नेता अधिकारी सब मौके से नदारद हैं। भोपाल तक ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ गई है।
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ट्रैफिक जाम में फंसी गाड़ियां - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर-देवास रोड पर लगे जाम ने आखिरकार तीन लोगों की जान ले ही ली। पिछले एक महीने से लोग कई घंटों तक जाम में फंस रहे हैं और लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन कहीं कोई सुनने वाला नहीं है। आज जाम में फंसने के बाद एक किसान की जान चली गई लेकिन अभी भी प्रशासन नहीं जागा। इंदौर से भोपाल तक लोग जाम के कारण परेशान हैं। इस रोड पर चलने वाली सभी बसें, ट्रक और गाड़ियां रेंग रही हैं। तीन दिन से लगातार जाम है और सिर्फ देवास पहुंचने में ही लोगों को 5 से 7 घंटे लग रहे हैं। देवास के कमल पांचाल, गारी पीपल्या के संदीप पटेल और शुजालपुर के बलराम पटेल ने जाम में फंसकर दम तोड़ दिया। 
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नेता, अफसर सब गायब, टीआई बोले हम दिनरात सड़क पर खड़े
अमर उजाला टीम ने इंदौर से देवास के रास्ते में इस जाम को कवर किया तो कहीं पर भी पुलिसकर्मी, अधिकारी और जनप्रतिनिधि नजर नहीं आए। कई जगह जनता ही ट्रैफिक संभालती नजर आई। लोग अपनी दुकानों और काम को छोड़कर जाम में फंसे हुए लोगों की मदद करते रहे। लसूड़िया थाने के सामने ही पूरा रोड कई घंटों से जाम था। जब टीआई तारेश सोनी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जितना पुलिस फोर्स दिया गया है वह दिनरात जाम खुलवा रहा है लेकिन जाम फिर भी नहीं रुक रहा है। 

कार में ही चली गई जान
जाम की वजह से किसान की जान चली गई है। किसान का नाम कमल पांचाल (62), निवासी सैटेलाइट टाउनशिप, बिजलपुर है। नजदीकी रिश्तेदारों ने बताया कि गुरुवार को उनकी बहन की तेरहवीं का कार्यक्रम था। इसमें शामिल होने के लिए वे शारदा, पुत्र विजय और बहू प्रियंका के साथ कार में जा रहे थे। तभी अर्जुन बड़ौदा के पास जाम लग गया, जिसमें उनकी कार भी फंस गई। कुछ देर बाद उन्हें घबराहट होने लगी। इस दौरान बेटे विजय ने कार निकालने की कोशिश की, लेकिन वह आगे बढ़ नहीं सकी, क्योंकि वहां से मूव करने तक की जगह नहीं थी। इस बीच वे तड़पते रहे और बेहोश हो गए। करीब डेढ़ घंटे बाद जब जाम खुला तो परिवार के लोग उन्हें उसी कार से देवास के एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि जो बाइपास पर हमारी ट्रैफिक की समस्या आ रही है। खासतौर पर सिपरा के पास जो अर्जुन बड़ौत के पास और इसके अलावा रालामंडल पर तो उसपर गहन चर्चा हुई है। क्योंकि इंदौर उज्जैन का जो ट्रैफिक था वो पूरा का पूरा इसी रोड पर आ रहा है।  इसके अलावा मांघिया के पास जो ओवरब्रिज  बन रहा है। उसका भी ट्राफिक यहां पर आने के कारण दवाब बहुत है। साथ ही केवल सर्विश रोड पर ट्रैफिक चल रहा है कि क्योंकि एनएच का काम वहां पर चल रहा है। इसके लिए ये समस्या आ रही है। हालांकि अगर एनएचआई के द्वारा जो सर्विश रोड का मजबूती करण का काम पहले और अच्छे तरीके से कर लिया जाता..तो शायद इतनी समस्या नहीं आती। लेकिन फिर भी हम अभी इसे डीएलसी के बाद पेवर ब्लॉक डालकर इसको सही करने की कोशिश कर रहे है।   
 

गिट्टी, मुरम तक नहीं डलवा रहे जिम्मेदार, कच्ची सड़क से लग रहा जाम

बुधवार शाम से शुरू हुआ यह जाम आज रात तक भी नहीं खुल सका है। इस ट्रैफिक-जाम ने एक जान भी ले ली है। आसपास के रहवासी कई महीनों से आवाज उठा रहे हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। रहवासियों ने बताया कि अर्जुन बड़ौदा के पास बन रहे ब्रिज पर जाम लग रहा है। यहां से डायवर्जन रोड निकालना थी लेकिन उसे बनाया ही नहीं गया। मुख्य मार्ग लगभग बंद है और लोगों को निकलने का रास्ता गड्ढे और पानी से भरा है। सिर्फ गिड्डी और मुरम डालकर भी रोड को ठीक कर देते तो यह हालात नहीं होते। 



कई दिनों से शिकायत
रोज इंदौर देवास अप डाउन करने वाली वंदना जोशी ने बताया कि हम कई घंटों जाम में फंस रहे हैं और कोई सुन तक नहीं रहा है। हजारों लोग परेशान हैं। कितना पेट्रोल डीजल बर्बाद हो रहा है और समय खराब हो रहा है। सुबह से ट्रैफिक खुलवाने की जद्दोजहद कर रहे निर्मल पटेल का कहना है कि कई लोग वापस पलट कर जा रहे है। इनकी वजह से ट्रैफिक और फंस गया है। अर्जुन बड़ौदा में रहने वाले जिला पंचायत सदस्य माखन पटेल का कहना है कि हम तो कई दिन से शिकायत कर रहे हैं। वैकल्पिक व्यवस्था जरूरी है। अभी ब्रिज का काम साल भर भी पूरा होता नहीं दिख रहा है।

किसान की मौत के बाद भड़के गांव वाले, बोले अधिकारियों को सजा हो
ट्रैफिक की वजह से हुई मौत के मामले में किसान नेता हंसराज मंडलोई ने मोर्चा खोला है। परिजनों को 50 लाख रुपए और लापरवाही करने वालों को कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। देवास शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने कलेक्टर को बिट्ठी लिखी है। टोल टैक्स बंद करवाने की मांग कर रहे हैं। कई जगह के कांग्रेसी विरोध कर रहे हैं। आसपास के गांव वालों ने मोचर्चा संभाला है। ट्रैफिक खुलवाने की कोशिश कर रहे हैं।

टोल-टैक्स का भी विरोध हो रहा
ए.बी. रोड पर अर्जुन बढ़ौदा गांव से शुरू हुआ ट्रैफिक जाम दस-बारह किलोमीटर तक फैल गया है। टोल नाके के बाद से ही गाड़ियां अटकने लगी हैं। इंदौर से देवास जाने वाले रास्ते की तरफ फजीहत ज्यादा है। देवास से इंदौर आ रहे रास्ते पर भी रंग कर गाड़ियां चल रही हैं। तस्वीरें आम हुई हैं। लोगों ने सखेत में गाडियां उत्तार दी। निकलने की कोशिश की, लेकिन और फंस गए। डकाच्या से जयपुरिया कॉलेज होकर जाने वाला वैकल्पिक रास्ता भी बंद हो गया है। उस पर भी कई वाहन फंस गए हैं। टोल टैक्स का भारी विरोध हो रहा है। डकाच्या के कारोबारी संदीप पटेल का कहना है कि किस बात का टोल टैक्स वसूला जा रहा है। न सड़क सुधारते है, न ट्रैफिक की कोई व्यवस्था है। इंदौर की 15वीं बटालियन से सिपाहियों की ड्यूटी लगाई, लेकिन सब नाकाफी साबित हुआ है।
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इंदौर में मानसून को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था पर कलेक्टर की सख्ती, चालानी कार्रवाई पर रोक...

इंदौर में मानसून सत्र के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्टर आशीष सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि वर्षाकाल के दौरान किसी भी वाहन चालक पर चालानी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

 

कलेक्टर आशीष सिंह ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर के अंदर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रैफिक किसी भी हालत में बाधित नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्षा के कारण सड़कों पर पानी भराव या किसी भी प्रकार की बाधा को तुरंत दूर किया जाए ताकि लोगों को जाम की स्थिति का सामना न करना पड़े। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्षाकाल के दौरान विशेष निगरानी रखी जाए और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर की जाएं। विशेष रूप से एबी रोड बायपास जैसे व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्य करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा, जिससे मानसून के दौरान इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनी रहे और नागरिकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


 

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