सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक जाम पर जनता को जागरूक करने के लिए पुलिस ने कई जरूरी बातें बताई हैं। जाम गेट, जानापाव, चोरल या तिंछा फॉल, सभी जगह जाम की संभावनाएं रहेंगी। पुलिस ने बेहतर व्यवस्था के लिए टीमें गठित की हैं। कई जगह चेकिंग भी होगी।
इंदौर के आसपास के कई प्राकृतिक क्षेत्र इन दिनों पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण बन गए हैं। जाम गेट, जानापाव और पातालपानी जैसे स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता ने देशभर के सैलानियों को अपनी ओर खींचा है। हालांकि, बढ़ती पर्यटक संख्या के साथ ही ट्रैफिक जाम और सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। कल स्वतंत्रता दिवस पर 15 से 20 हजार लोग इंदौर के आसपास के पर्यटन स्थलों पर पहुंचेंगे। बारिश के मौसम में इन पर्यटक स्थलों की खूबसूरती और अधिकतम पर्यटकों के अपने वाहनों से आवागमन के कारण महू-इंदौर मार्ग पर भीषण जाम की स्थिति बन जाती है। विशेषकर सप्ताहांतों पर तो स्थिति और भी विकट हो जाती है। किशनगंज नाके पर चल रहे निर्माण कार्य ने तो समस्या को और बढ़ा दिया है। इसके साथ सुरक्षा व्यवस्था भी एक बड़ी चुनौती है।
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पुलिस जगह जगह करेगी चेकिंग
15 अगस्त के लिए पुलिस जनता को सावधानियां बरतने के लिए कहा है। ग्रामीण एसपी हितिका वासल ने कहा कि जगह जगह चेकिंग की जाएगी। कोई भी लापरवाही न करे और व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश न करे। जाम से बचने और जनता को सुरक्षा देने के लिए हमने कई टीमें लगाई हैं लेकिन लोग भी अपनी जिम्मेदारी समझें। खतरनाक पर्यटन स्थलों पर न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर ही टूर प्लान करें। जहां भी जाएं ट्रैफिक के नियमों का पालन करें। हर जगह चेकिंग होगी।
आठ घंटे तक का जाम लग रहा
महू-इंदौर मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज से मालवीय नगर तक लगभग छह किलोमीटर लंबा जाम लगना आम बात हो गई है। सप्ताहांत पर तो यह दूरी और बढ़कर आठ किलोमीटर तक पहुंच जाती है। जाम गेट और जानापाव में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। यहां भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। कई बार तो लोग अपने वाहन सड़क के बीचों-बीच ही छोड़ देते हैं, जिससे जाम की स्थिति और बिगड़ जाती है। प्रशासन का अनुमान है कि कल 15 अगस्त और राखियों की छुट्टियों पर पर्यटकों की संख्या में और भी इजाफा होगा, जिससे यातायात की समस्या और गंभीर हो सकती है।
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ट्रैफिक मैनेजमेंट पर कई काम किए
इस समस्या के समाधान के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। जैसे कि, यातायात व्यवस्था को सुधारना, पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करना, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना, यातायात सिग्नल व्यवस्थाएं बदलना और सबसे महत्वपूर्ण, पर्यटकों को जागरूक करना।