भूमिगत ट्रेक के लिए ’नर्मदा‘ तैयार
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इंदौर में अब भूमिगत ट्रैक के निर्माण में तेजी आएगी। 410 टन वजनी टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) के पुर्जों को जोड़कर इसे शाफ्ट में उतार दिया गया है। इस मशीन को ‘नर्मदा’ नाम दिया गया है। यह मशीन एक हजार टन भार उठाने में सक्षम है।
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा इंदौर मेट्रो के भूमिगत सेक्शन के लिए पहली टनल बोरिंग मशीन ‘नर्मदा’ की एयरपोर्ट स्थित शाफ्ट में सफलतापूर्वक लॉन्चिंग की गई। यह मशीन एयरपोर्ट से बड़ा गणपति तक भूमिगत सुरंग बनाएगी। टीबीएम मशीन के माध्यम से भूमिगत सुरंग निर्माण कार्य को सुरक्षित, व्यवस्थित और आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
इस मशीन का कुल वजन लगभग 410 मीट्रिक टन है। इतनी भारी और विशाल मशीन को पहले असेंबल किया गया और इसके बाद विशेष तकनीक से एयरपोर्ट स्थित शाफ्ट के अंदर उतारा गया। करीब एक माह से इस मशीन के अलग-अलग पुर्जों को जोड़ने का काम चल रहा था। यह मशीन थाईलैंड से लाई गई है।
मशीन को लॉन्च करने के लिए पहले से ही एयरपोर्ट के पास गहरा शाफ्ट खोदा गया है। इंदौर मेट्रो का पहला भूमिगत स्टेशन एयरपोर्ट पर तैयार होगा। मशीन के जरिए जमीन के भीतर सुरंग बनाई जाएगी और खुदाई के दौरान निकलने वाली मिट्टी और पत्थरों को भी बाहर निकाला जाएगा।
इंदौर में फिलहाल मल्हारगंज में भूमिगत मेट्रो स्टेशन का काम चल रहा है। इसके अलावा नगर निगम के समीप भी नदी के नीचे से सुरंग बनान के लिए खुदाई की गई है। शहर में दस किलोमीटर से ज्यादा भूमिगत ट्रेक होगा। खजराना से एयरपोर्ट तक मेट्रो ट्रेन भूमिगत चलेगी।