इंदौर में मंगलवार को शहर के बड़े हिस्से को जलसंकट झेलना पड़ा। वजह थी नर्मदा की 12 एमएम व्यास वाली पाइपलाइन का फूटना। इससे लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह गया और पाइपलाइन को ठीक करने के लिए 70 किलोमीटर दूर से शहर तक पानी लाने वाले नर्मदा के पंप बंद करने पड़े। इस कारण शहर की 20 टंकियों में तय क्षमता के अनुसार पानी नहीं भर पाया और दस लाख से ज्यादा की आबादी वाले क्षेत्र में नलों से पानी नहीं पहुंचा।
सोमवार को मेन पाइपलाइन में लीकेज सुधारने के काम के चलते नर्मदा जलप्रदाय परियोजना के पहले और दूसरे चरण के पंप शाम चार बजे बंद किए गए थे। लीकेज सुधारने का काम पूरा होने के बाद पंप हाउस के पांच पंप रात दस बजे चालू कर दिए गए, लेकिन छह घंटे तक पंप बंद रहने से शहर की टंकियां अन्नपूर्णा, स्कीम नंबर 103, छत्रीबाग, राजमोहल्ला, द्रविड़ नगर, लोकमान्य नगर, महाराणा, नरवल, अगरबत्ती, कुशवाह मोहल्ला, टिगरिया, बाणगंगा, सुभाष चौक, सदर बाजार, जिंसी हाट, मल्हार आश्रम, गांधी हॉल, भक्त प्रह्लाद नगर, एमओजी लाइन और जय हिंद नगर टंकियां खाली रह गईं।
इस कारण दस लाख से ज्यादा की आबादी को पानी नहीं मिला। जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू ने बताया कि जिन क्षेत्रों में टंकियां नहीं भर पाई थीं, वहां टैंकरों से जल वितरण किया गया है। अगले दिन इन इलाकों में ज्यादा पानी की सप्लाई की जाएगी।