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इंदौर: एमवाय अस्पताल में फूटा डॉक्टरों का गुस्सा, भोपाल लाठीचार्ज के विरोध में ओपीडी सेवाएं ठप

Tue, 08 Sep 2026 04:18 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर के एमवाय अस्पताल में भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने सुबह 11 बजे बाद ओपीडी सेवाएं बंद कर प्रदर्शन किया। डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
 
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सुबह 11 बजे के बाद ओपीडी बंद कर धरने पर बैठे डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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भोपाल में स्टाइपेंड वृद्धि की मांग कर रहे डॉक्टरों पर हुए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के प्रयोग के विरोध में मंगलवार को एमवाय अस्पताल में जूनियर और इंटर्न डॉक्टरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने सुबह 9 से 11 बजे तक ओपीडी में सेवाएं देने के बाद काम पूरी तरह बंद कर दिया। इस अचानक हुए कार्य बहिष्कार से अस्पताल आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा और ओपीडी व्यवस्था प्रभावित हुई।
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शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई का विरोध
एमजीएम मेडिकल कॉलेज जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह सिद्धू ने कहा कि इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से अपने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। भोपाल में उनका आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक था, लेकिन वहां उन पर आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज का प्रयोग किया गया। प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रदर्शन करने वाले सभी भावी चिकित्सक थे न कि कोई असामाजिक तत्व। इस तरह की कार्रवाई को अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है।

निलंबन और स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने मांग रखी है कि भोपाल घटना के दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। इसके साथ ही इंटर्न का स्टाइपेंड अन्य राज्यों की तर्ज पर बढ़ाया जाए। मांगें पूरी न होने की स्थिति में पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है।
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अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम मानदेय
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें प्रतिमाह 14 हजार 337 रुपए स्टाइपेंड मिलता है, जो देशभर में सबसे कम है। अन्य राज्यों में मेडिकल फीस कम होने के बावजूद डॉक्टरों को इससे अधिक मानदेय दिया जाता है। दिन-रात सेवाएं देने वाले डॉक्टरों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किए जाने पर आक्रोश जताया गया है।
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