चाहे खेल का मैदान हो या राजनीति। सिंधिया परिवार ने हमेशा सेफ गेम खेला हैै और कोशिश यही रही है कि किसी भी तरह की चुनौती का उन्हें सामना न करना पड़े। माधव राव 37 साल की उम्र में मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने और सबसे लंबा कार्यकाल उनका रहा। वे 1982 में इस एसोसिएशन के कप्तान बने और वर्ष 1099 तक काबिज रहे। उनके निधन के बाद तीन साल के लिए श्रवण पटेल अध्यक्ष रहे।
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फिर माधव राव सिंधिया के पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कुर्सी संभाली। वे वर्ष 2006 से वर्ष 2013 तक अध्यक्ष रहे। फिर नए नियम आने के बाद वे लगातार अध्यक्ष नहीं बन सकते थे। उनके बाद संजय जगदाले और अभिलाष खांडेकर उन्हीं की पसंद से अध्यक्ष बने।ज्योदिरादित्य का प्रभाव तब भी संगठन में बना रहा।
संगठन का गठन 1957 में हुआ। तब से लेकर अब तक 68 वर्षों में से 24 वर्ष तक पिता माधव राव और बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास अध्यक्ष पद की कुर्सी रही। अब सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी के रुप में आर्यमन सिंधिया अध्यक्ष बने हैं। उनका कार्यकाल तीन वर्षों के लिए रहेगा।
मालवा-निमाड़ में भी बनाया प्रभाव
सिंधिया परिवार का ताल्लुक ग्वालियर राजघराने से है, लेकिन उनका प्रभाव मालवा-निमाड़ में भी रहा। इसमें एमपीसीए संगठन भी मददगार रहा। दअरसल इस संगठन का मुख्य कार्यालय हमेशा से इंदौर रहा है। माधव राव सिंधिया जब भी संगठन के काम के सिलसिले में इंदौर आते थे तो वे अपने समर्थकों से भी मिलते थे। यह परिपाटी ज्योदिरादित्य सिंधिया ने भी निभाई। मालवा-निमाड़ क्षेत्र में उनके कई समर्थक विधायक व नेता भी है।