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Indore: खजराना में नए साल में तीन लाख से ज्यादा भक्तों के जुटने की उम्मीद, ट्रैफिक व्यवस्था बदली

Wed, 31 Dec 2025 10:02 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

नए साल के पहले दिन खजराना गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। ए्क जनवरी को यहाँ तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुँचने का अनुमान है, जिसके लिए प्रशासन और मंदिर समिति ने सुरक्षा और सुगम दर्शन के विशेष प्रबंध किए हैं।
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बैरिकेड लगाने के विरोध मेें भक्तों ने दिया धरना। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर के प्रसिद्ध खजराना मंदिर में नए साल पर तीन लाख से अधिक भक्तों के जुटने की उम्मीद है। सुबह से लेकर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहेगा। भीड़ के अनुमान को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। मंदिर आने वाले भक्त खजराना चौराहा से रिंग रोड और गणेश पुरी आ सकेंगे, लेकिन उन्हें वापस खजराना चौराहा जाने के लिए पुराने खजराना मार्ग का उपयोग करना होगा।

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 मंदिर समिति के मैनेजर घनश्याम शुक्ला ने बताया कि मंदिर  परिसर में एक जनवरी को देखते हुए विशेष दर्शन की व्यवस्था की गई है। भक्त चलित दर्शन के माध्यम से दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा भक्तों के लिए चार कतारों में दर्शन की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए बैरिकेड लगाए गए हैं। मंदिर समिति एक जनवरी को सुबह पांच बजे मंदिर के पट खोलेगी और विशेष आरती आयोजित की जाएगी।


सुबह से लेकर रात तक भक्त दर्शन कर सकेंगे। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए परिसर में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। वहीं, 31 दिसंबर की रात को साढ़े 11 बजे तक मंदिर खुला रहेगा और उस समय परिसर में मौजूद समस्त भक्तों के लिए दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। यातायात पुलिस भी खजराना चौराहे पर यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए तैनात रहेगी। सर्विस रोड पर आवागमन बाधित न हो, इसके लिए गणेश पुरी में भी पुलिस बल तैनात रहेगा और नो पार्किंग क्षेत्र में वाहनों को खड़ा नहीं होने दिया जाएगा।

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प्रसाद विक्रेता बैरिकेड लगाने से नाराज

खजराना मंदिर परिसर में भक्तों की सुविधा के लिए बैरिकेड लगाए गए हैं। इस बार प्रसाद की दुकानों के सामने से ही बैरिकेड लगा दिए गए हैं, जिसका प्रसाद विक्रेताओं ने विरोध किया है। उनका तर्क है कि बैरिकेड लगाने के कारण भक्त दुकानों से प्रसाद नहीं खरीद पाएंगे। सामान्यतः भक्त अपने जूते-चप्पल भी दुकानों के बाहर ही उतारते हैं, इसलिए दुकान वाले हिस्से को बैरिकेड से मुक्त रखा जाना चाहिए। इसी विरोध के स्वरूप मंगलवार को दुकानें बंद रहीं।

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