मालवी भोज करते मुख्यमंत्री मोहन यादव।
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इंदौर के राजवाड़ा की कैबिनेट बैठक में शामिल होने आए मंत्रियों ने मालवी व्यंजनों का लुत्फ भी लिया। राजवाड़ा के दरबार हाॅल के उपर भोजन कक्ष में दाल बाफले के अलावा कढ़ी-चावल भी परोसा गया। भिंडी और टेंसी की सब्जी के अलावा पनीर की सब्जी भी मंत्रियों की थाली में परोसी गई। हाॅल में तख्त और कुर्सी लगी थी। लकड़ी की थाली और कटोरियों में मालवी व्यंजनों को परोसा गया। इसके अलावा कुल्हड़ में छाछ और केरी के झोलिए का इंतजाम भी था।
मंगलवार को गर्मी ज्यादा थी, इसलिए श्रीखंड और आइस्क्रीम भी ज्यादा पसंद की गई। मीठे में फ्रूट रबड़ी के अलावा मावा बाटी भी रखी गई थी। बैठक के दौरान पानी के साथ झोलिया परोसा जा रहा था।
सुस्ताने लगे कई मंत्री और अफसर
कहा जाता कि दोपहर में दाल बाटी खाई जाए तो नींद बहुत आती है। इस बैठक में भी मालवी व्यंजन ने अपना असर दिखाया और कई अफसर और मंत्री सुस्ताने की मुद्रा में नजर आ रहे थे। बैठक में स्थानीय विधायकों को नहीं जाने दिया गया। इस कारण वे राजवाड़ा परिसर में ही समय बिताते नजर आए।
धोती कुर्ते में आए थे ज्यादातर मंत्री
इस बार कैबिनेट बैठक में ड्रेसकोड भी रखा गया। ज्यादातर मंत्री धोती और कुर्ते में नजर आए। कैबिनेट बैठक और विजन डॉक्यूमेंट की बैठक में मंत्रीगण इसी ड्रेसकोड के साथ शामिल हुए और बैठक समाप्त होने के बाद धोती के साथ ही राजवाड़ा पैलेस के बाहर निकले। इसके बाद वे अपने काफिले के साथ गंतव्यों के लिए रवाना हो गए।