जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल( फाइल फोटो)
इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज से संबंधित सरकारी अस्पतालों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के सामने दो महीने से वेतन न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि समय पर भुगतान न होने से उनके दैनिक जीवन की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
वेतन कटौती और परिजनों की परेशानियां
जिन कर्मचारियों के खातों में राशि स्थानांतरित की गई है, उनका कहना है कि उन्हें पूरा वेतन नहीं दिया गया है। उनके भुगतान में से 4 से 5 हजार रुपये की कटौती कर दी गई है। अल्प वेतन में गुजारा करने वाले इन कर्मचारियों के लिए मकान का किराया चुकाना, छोटे बच्चों की देखभाल करना और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन हो गया है। इस समस्या को लेकर कर्मचारी पूर्व में कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च कर अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं।
प्रशासन और कंपनी का रुख
कर्मचारियों का कहना है कि जब वे इस संबंध में अधिकारियों से संपर्क करते हैं, तो उन्हें यह उत्तर मिलता है कि कंपनी के पास फंड उपलब्ध नहीं है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज के तहत बीवीजी इंडिया लिमिटेड कंपनी के करीब एक हजार से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा खुलकर सामने आया है।
भुगतान मार्च माह से लंबित
बीवीजी इंडिया लिमिटेड कंपनी की ओर से स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया गया कि संबंधित कार्य का भुगतान मार्च माह से लंबित है। लगातार फंड न मिलने के कारण कर्मचारियों को वेतन देने में वित्तीय बाधाएं आ रही हैं। दिसंबर में निविदा प्रक्रिया के माध्यम से फैसिलिटी मैनेजमेंट के लिए चयन होने के बाद से ही सेवाएं दी जा रही हैं। दिसंबर से मार्च तक वेतन और साइट संचालन की व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई थी, लेकिन मार्च से बकाया भुगतान न मिलने से वर्तमान स्थिति निर्मित हुई है।