सड़क पर नो पार्किंग में खड़े वाहनों को हटाया।
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इंदौर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए एक बार फिर अलग-अलग विभाग मिलकर प्रयास करेंगे। शहर के सत्रह प्रमुख चौराहों के लेफ्ट टर्न चौड़े होंगे और ट्रैफिक इंजीनियरिंग के साथ उन्हें सुधारा जाएगा। इसके अलावा तीन प्रमुख मार्गों को अस्थायी अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा, ताकि ट्रैफिक उन मार्गों पर व्यवस्थित हो सके। इसके लिए रेसीडेंसी कोठी में हाई पावर कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें ट्रैफिक से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल सहित अन्य अफसर मौजूद थे।
बैठक में मुद्दा उठा कि नगर निगम सड़कों का चौड़ीकरण कर रहा है, लेकिन अस्थायी अतिक्रमणों के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा ट्रैफिक के काम नहीं आता। इसके लिए कोई ठोस हल निकाला जाना चाहिए।
बैठक में तय हुआ कि ट्रैफिक के लिए तीन चरणों में काम किया जाएगा। पहले चरण में अतिक्रमण, पार्किंग और बॉटलनेक मार्गों पर काम होगा। फिर मेट्रो ट्रेन से जुड़ी लोक परिवहन सुविधा और बसों की पार्किंग पर काम होगा।
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बैठक में बताया कि सत्रह प्रमुख चौराहों के लेफ्ट टर्न चौड़े करने के बाद अब शहर के अन्य प्रमुख लेफ्ट टर्न भी चौड़े किए जाएंगे। इसके अलावा तीन प्रमुख सड़कों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करने और शहर में दौड़ रही इंटरसिटी बसों को शहर की सीमा से बाहर किया जाएगा।
ट्रैफिक सुधार की इस योजना को तत्काल राहत से लेकर भविष्य के मास्टर प्लान तक अलग-अलग चरणों में बांटा गया है। अगले एक साल में जहां चौराहों और बॉटलनेक पर काम होगा, वहीं दूसरे साल में फ्लाईओवर, बस नेटवर्क और मंडियों की शिफ्टिंग जैसे बड़े फैसले जमीन पर उतरेंगे। तीन साल के बाद ट्रैफिक इंजीनियरिंग सेल, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट और पैदल-साइकिल आधारित नेटवर्क पर फोकस होगा।