फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore: कांग्रेस की बैठक में चले लात-घूंसे, निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे पर लगे आरोप तो बिगड़ा मामला

Thu, 05 Dec 2024 08:23 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में कांग्रेस की बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे और यूथ कांग्रेस आईटी सेल पदाधिकारी दीपक सोनवाने में विवाद हो गया, जिसमें लात-घूसे चले। चौकसे पर भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाया गया। विवाद थाने पहुंचा, जबकि कुछ नेताओं ने सुलह की कोशिश की। 

विज्ञापन
थाने में गए कांग्रेस नेता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर में गुरुवार को गांधी भवन में आयोजित बैठक में दो कांग्रेस नेताओं के बीच लात घूंसे चले। यह तब हुआ जब गांधी भवन में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और मध्य प्रदेश के सह प्रभारी संजय दत्त नेताओं की बैठक ले रहे थे। 

विज्ञापन

विवाद नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे और यूथ कांग्रेस आईटी सेल के पदाधिकारी दीपक सोनवाने और बसंत पाटिल के बीच हुआ। चौकसे और दीपक के बीच नगर निगम चुनाव के समय से ही राजनीतिक रंजिश चली आ रही है। दीपक का टिकट कटने पर उन्होंने चौकसे पर आरोप लगाए थे। गुरुवार को इंदौर के क्षेत्र क्रमांक दो और पांच नंबर के पदाधिकारियों को बुलाया गया था। 

भाजपा से मिले होने का आरोप
बैठक शुरू होने के बाद नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे बोलने खड़े हुए तो बसंत ने कहा चौकसे तो भाजपा से मिले हुए हैं। इनको तो निगम से भी कुछ नहीं बोलने का पैसा मिलता है। ये बैठक में क्या बोलेंगे। इसके बाद चौकसे के खिलाफ सोनवाने भी बोलने लगे तो चौकसे के समर्थकों ने दोनों को ऐसा बोलने से रोका, लेकिन दोनों नहीं माने तो चौकसे समर्थकों ने दोनों की पिटाई शुरू कर दी। इस दौरान जूते चप्पल भी चले। दीपक के सिर और हाथ पर खरोच भी आई। इसके बाद दोनों पक्ष थाने गए और शिकायत की। कुछ नेता सुलह कराने की कोशिश भी करते रहे।
विज्ञापन


विरोध में बोलो तो धमकियां मिलती हैं
दीपक ने कहा कि दो नंबर विधासभा क्षेत्र में चिंटू चौकसे ने मनमानी कर रखी है। कुछ भी खिलाफ बोलो तो धमकियां मिलती हैं। चौकसे की विधानसभा चुनाव में हार प्रदेश में सबसे बड़ी हार थी। वे एक लाख से ज्यादा मतों से हारे थे। उधर, चौकसे ने कहा कि आपसी परिवार का मामला है। कांग्रेस में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन आरोप बगैर तथ्यों के नहीं लगाना चाहिए।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें