इंदौर में छोटी ग्वालटोली क्षेत्र में पेट्रोल पंप के बाहर एक व्यक्ति हेलमेट पहने खड़ा था। वह बगैर हेलमेट पेट्रोल भरवाने आने वाले लोगों से पूछ रहा था कि हेलमेट चाहिए क्या। लोग हेलमेट लेने के लिए तैयार हो रहे थे, वह उनसे दस रुपये मांग रहा था।
परदेशीपुरा पेट्रोल पंप पर संचालक ने बेरिकेड लगवा दिए, जिनके पास हेलमेट हैं उन्हें ही बेरिकेड के भीतर जाने दिया जा रहा है। इस पंप से कुछ दूरी पर दो युवक हेलमेट दस रुपये में किराए पर दे रहे हैं, लेकिन वे पैसे नकद ले रहे हैं, ताकि कोई अधिकारी पकड़े तो उनके पास पैसे लेने के सबूत न रहे। इस पंप पर एक युवक साइकिल के साथ पहना जाने वाला हेलमेट पहन कर आ गया। उसे भी कर्मचारियों ने पेट्रोल नहीं दिया।
भाई हेलमेट देना जरा, पेट्रोल भरवाने जाना है
पेट्रोल भरवाने के लिए वाहन चालक अपने आस पड़ोसियों से, रिश्तेदारों से हेलमेट उधार मांग रहे हैं। वे यह बोलते नजर आ रहे हैं कि भाई हेलमेट देना जरा, पेट्रोल भरवाना है।
ज्यादातर ई-स्कूटर वाले बगैर हेलमेट के घूम रहे
इंदौर में 40 हजार से ज्यादा ई-बाइक व स्कूटर है। वे घर से ही अपना वाहन चार्ज करते हैं, हालांकि शहर में भी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन हैं, लेकिन वहां के लिए प्रशासन की तरफ से स्पष्ट आदेश नहीं है। इस कारण बगैर हेलमेट के दोपहिया वाहन चालक अपने वाहन चार्ज कर रहे हैं।