शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण का काम तीन साल में पूरा हो जाएगा, इसे लेकर संशय है, क्योंकि इस दौरान प्लेटफार्म से ट्रेनों का भी संचालन होगा और नए भवन का निर्माण भी अलग-अलग हिस्सों में होगा। तीन साल बाद सिंहस्थ 2028 उज्जैन में लगने वाला है और ज्यादातर यात्री इंदौर से होकर उज्जैन के लिए जाते हैं। तब तक हर हाल में रेलवे स्टेशन बन जाना चाहिए, लेकिन अभी पुरानी इमारत तोड़ने का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। उसे तोड़ने में ही डेढ़ माह लगेंगे।
सालभर पहले प्रधानमंत्री ने किया था भूमिपूजन
इस रेलवे स्टेशन का भूमिपूजन सालभर पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली किया था। ठेका अहमदाबाद की कंपनी को दिया गया है, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। पिछले माह जनप्रतिनिधियों के साथ इस प्रोजेक्ट को लेकर सांसद शंकर लालवानी ने बैठक की थी, तब भी नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सिंहस्थ को समीप आता देख काम तीन साल में पूरा करने को लेकर संदेह प्रकट किया था।
सिंहस्थ तक काम पूरा होगा : सांसद
सांसद शंकर लालवानी का कहना है कि बिल्डिंग को अलग-अलग हिस्सों में बनाया जाएगा। सिंहस्थ तक यात्रियों के उपयोग वाले हिस्से का काम पूरा कर लिया जाएगा। उसके निर्माण को ही प्राथमिकता दी जा रही है। निर्माण अवधि में मुख्य रेलवे स्टेशन से चलने वाली कुछ रेल गाड़ियां लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से संचालित होंगी, जबकि मुख्य रेलवे स्टेशन से भी ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। कुछ ट्रेनों के प्लेटफार्म भी बदले गए हैं।
सात मंजिला होगी नई बिल्डिंग
नई बिल्डिंग सात मंजिला होगी। पार्किंग, बेसमेंट में रहेगी जिसमें 500 चार पहिया वाहन पार्क हो सकेंगे। स्टेशन पर 26 लिफ्ट होंगी। अफसरों ने बताया कि मेट्रो स्टेशन से भी नए रेलवे स्टेशन की कनेक्टिविटी होगी। पहले पुरानी बिल्डिंग को तोड़ा जाएगा। पहले 60 मीटर वाले हिस्से में काम होगा, ताकि स्टेशन से ट्रेनों के संचालन की गतिविधियां प्रभावित न हों। इस प्रोजेक्ट पर 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
रेल बजट में राशि आवंटित
रेल बजट में भी इसके लिए राशि आवंटित हुई है। यह रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। नए स्टेशन की बिल्डिंग एयरपोर्ट की तर्ज पर बनेगी। भीतर शाॅप, फूड जोन रहेंगे। यात्रियों के लिए आरामदायक पैदल पुल, एस्केलेटर, टिकट काउंटर, शेड आदि बनेंगे।
मल्टी लेवल पार्किंग भी रहेगा
इसके अलावा मल्टीलेवल पार्किंग भी रहेगा, ताकि ज्यादा समय तक पार्क रहने वाली गाड़ियां व्यवस्थित रखी जा सकें। पार्क रोड को भी नए स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इंदौर रेलवे स्टेशन पर नए प्लेटफॉर्म भी एक सीध में बनेंगे। अभी प्लेटफॉर्म पर पटरियों व कोच के बीच गैप रहने के कारण हादसे होने का अंदेशा बना रहता है। नए रेलवे स्टेशन के लिए पार्किंग व पार्सल विभाग का हिस्सा भी यात्री सुविधा के लिए लिया जा सकता है। पार्सल विभाग को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा।