फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: भागीरथपुरा दूषित पेयजल कांड में जांच आयोग ने पेश की प्रारंभिक रिपोर्ट, अगली सुनवाई 6 अप्रैल को

Thu, 05 Mar 2026 06:50 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पेयजल कांड में हाईकोर्ट ने नगर निगम और प्रशासन के रवैये पर कड़ा रुख अपनाया है। मामले की जांच कर रहे विशेष आयोग ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पेश कर दी है, कोर्ट ने निगम को रिकॉर्ड पेश करने के लिए अंतिम मोहलत दी है।
विज्ञापन
भागीरथपुरा बस्ती - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भागीरथपुरा दूषित पेयजल कांड को लेकर गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसके लिए गठित आयोग ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट कोर्ट को पेश की, लेकिन कोर्ट ने विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए एक माह का समय दिया है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।

विज्ञापन


आयोग ने इस कांड को लेकर रहवासियों व अफसरों से अपने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा है। कुछ लोगों ने साक्ष्य प्रस्तुत भी किए हैं। कोर्ट ने इस मामले में नगर निगम को भी निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए कहा है। पहले भी मांगे गए थे, लेकिन वे नहीं मिले। अब अगली सुनवाई को कोर्ट में रिकॉर्ड पेश करने होंगे। इस मामले में दो जनहित याचिकाएं लगी हैं।

ये भी पढ़ें- डीएवीवी होस्टल केस में कमेटी ने छात्रा को माना दोषी, पिता अपने साथ कोलकता ले गए
विज्ञापन


निगम मौतों की ठोस वजह पता नहीं कर पाया
इस कांड को लेकर अब तक नगर निगम मौतों की ठोस वजह पता नहीं कर पाया है। पहले नर्मदा लाइन पर शौचालय बनने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में दूसरी लाइनें खराब होने और पानी मिक्स होने की बात भी अफसर कहते रहे। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के समक्ष कहा गया है कि डेथ ऑडिट में 16 मौतें दूषित पानी से होना पाई गई हैं, बाकी मौतों का ऑडिट नहीं हो पाया है। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में अफसरों से पूछा था कि इसका आधार क्या है? क्या मृतकों के शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया है? विसरा रिपोर्ट कहां है? लेकिन उसका जवाब अफसर ठीक से नहीं दे पाए थे। इस बार हुई सुनवाई में भी यह सवाल अनसुलझे रहे। अब आयोग इससे जुड़े दस्तावेज संबंधित विभागों से लेकर अपनी जांच आगे बढ़ाएगा।
विज्ञापन


अब तक 36 मौतें
आपको बता दें कि भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 36 मौतें हो चुकी हैं, जबकि साढ़े चार सौ से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया था। कई मृतकों को दूसरी बीमारियां भी थीं, लेकिन परिजनों ने बताया कि डायरिया के कारण उनकी हालत ज्यादा खराब हो गई थी। बस्ती के 30 प्रतिशत हिस्से में नई लाइन बिछाई गई है और अब साफ पानी आ रहा है, लेकिन सड़कें अभी भी कई गलियों में खुदी हुई हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें