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Indore: भस्मक के पास आबादी क्षेत्र, पर्यावरण की चिंता के बगैर कचरा जलाने की तैयारी

Tue, 18 Feb 2025 04:58 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

सुप्रीम कोर्ट ने शासन ने पूछा कि कचरा जलाने के दौरान यदि मौके पर कोई घटना होती है तो उसे रोकने के लिए क्या इंतजार किए है। अब शासन अगली सुनवाई पर अपना पक्ष रखेगा। याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा कि सरकार कचरे के निपटान में पारदर्शिता नहीं बरत रही है।
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इस भस्मक में जलेगा कचरा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल की यूनियन कार्बाइट फैक्टरी से पीथमपुर लाए गए 337 टन कचरे का निपटान होना है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है। यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र ने लगाई है। उनके वकील ने कोर्ट से कहा कि रामकी कंपनी के कचरा भस्मक के पास तारापुर गांव है। गांव के विस्थापन की सरकार ने कोई योजना नहीं बनाई। सरकार पर्यावरण की चिंता किए बगैर और तय मानकों का पालन किए बगैर कचरा जलाना चाहती है। सरकार ने कोई आपदा प्रबंधन के लिए भी काम नहीं किया है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने शासन ने पूछा कि कचरा जलाने के दौरान यदि मौके पर कोई घटना होती है तो उसे रोकने के लिए क्या इंतजार किए है। अब शासन अगली सुनवाई पर अपना पक्ष रखेगा। याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा कि सरकार कचरे के निपटान में पारदर्शिता नहीं बरत रही है।

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पहले चुपचाप दस टन कचरा लाकर भस्मक में जलाया गया। उससे पहले 40 टन कचरे को वर्ष 2008 में इंदौर में कर्फ्यू लगने के दौरान लाया गया था और उसे रामकी फैक्टरी में लैंडफील कर दिया गया।

इस मामले में अगली सुनवाई 24 फरवरी की होगी। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि पीथमपुर में कचरे को दफनाने के बाद भू जल स्तर भी दूषित हुआ है। अब 337 टन कचरा भस्मक में जलाया जाएगा।

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