इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती एक शिशु की मौत हो गई। वह निमोनिया के कारण एक माह से भर्ती था। इलाज के दौरान एक नर्स ने लापरवाही से कैची चलाकर उसका अंगूठा काट दिया था, हालांकि डाॅक्टरों ने आपरेशन कर अंगूठा फिर जोड़ दिया था। इस मामले में नर्स को भी निलंबित किया जा चुका है। शिशु की मौत के मामले में परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और कहा कि बच्चे को निमोनिया हो गया था।
बेटमा के बजरंगपुरा में 24 दिसंबर को अंजुबाई के डेढ़ माह के बेटे को परिजन एमवाय अस्पताल लेकर आए थे। जन्म के बाद से उसकी तबीयत खराब हो गई थी और उसे निमोनिया हो गया था। उसका हाथ भी सूज गया था। एक नर्स ने इलाज के दौरान टेप काटने समय कैची अंगूठे पर चल गई और वह कट कर अलग हो गया था।
बाद में बच्चे की सर्जरी की गई और उसे फिर अस्पताल में इलाज के लिए रखा गया था। बाद में उसकी छुट्टी कर दी गई, लेकिन हालत बिगड़ने पर फिर परिजन उसे अस्ताल लेकर आए थे। उसे दोबारा निमोनिया हो गया था। शुक्रवार को बच्चे की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई, हालांकि परिजनों ने इस मामले में लापरवाही का आरोप नहीं लगाया है। वे बच्चे को बगैर पोस्टमार्टम कराए ही ले गए।
आपको बता दें कि एमवाय अस्पताल में चूहों ने दो नवजातों के अंग कुतर दिए थे। तब यह मामला काफी गरमाया था और आठ से ज्यादा कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। इसके अलावा पेस्ट कंट्रोल कंपनी को भी ब्लैक लिस्टेड किया गया था।