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Indore आचार संहिता के कारण अटका इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन, वेस्टर्न रिंग रोड और एलिवेटेड ब्रिज का काम

Sat, 16 Mar 2024 07:39 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

32 किलोमीटर लंबाई में बनने वाला पश्चिमी रिंंग रोड 2200 करोड़ में बनेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी, लेकिन इस प्रोजेक्ट को भी गति नहीं मिल पाएगी, क्योकि 30 से ज्यादा गांवों के किसान पर्याप्त मुआवजा नहीं मिलने के कारण विरोध कर रहे है।
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बीआरटीएस पर मिट्टी परीक्षण ही हो पाया । - फोटो : amar ujala digital
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आचार संहिता के कारण अब तीन माह तक नए काम शुरू नहीं हो सकेंगे। जो काम जारी है, वे भी धीमी गति से चलेंगे,क्योकि सरकारी अमला निर्वाचन कार्य में जुटा रहेगा। इंदौर में आचार संहिता के कारण इंदौर-उज्जैन सांवेर रोड, वेस्टर्न रिंग रोड और एलिवेटेड ब्रिज का काम अटक गए। अभी तक इनके टेंडर भी जारी नहीं हुए है। अब तीन माह बाद ही कामों का मुर्हुत निकल पाएगा।

मुख्यमंत्री कर चुके है भूमिपूजन, काम शुरू नहीं

एलआईजी तिराहा से नवलखा तक बनने वाले एलिवेटेड रोड पर लोक निर्माण विभाग 350 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। ढाई माह पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस प्रोजेक्ट का भूमिपूजन इंदौर यात्रा के दौरान किया था, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया। फिलहाल विभाग मिट्टी परीक्षण ही करा रहा है। अभी तक काम शुरू नहीं हुआआ है और टेंडर भी जारी नहीं हो पाए। अब यह प्रक्रिया भी तीन माह के बाद ही शुरू हो पाएगी।

प्रोजेक्ट केंद्र से मंजूर, काम शुरू नहीं

32 किलोमीटर लंबाई में बनने वाला पश्चिमी रिंंग रोड 2200 करोड़ में बनेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी, लेकिन इस प्रोजेक्ट को भी गति नहीं मिल पाएगी, क्योकि 30 से ज्यादा गांवों के किसान पर्याप्त मुआवजा नहीं मिलने के कारण विरोध कर रहे है और इस प्रोजेक्ट के भी टेंडर जारी नहीं हो पाए। आचार संहिता लगने के एक दिन पहले शुक्रवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस प्रोजेक्ट को लेकर अफसरों से चर्चा की थी और मार्ग के दोनों तरफ लैंडयूज बदलने पर चर्चा की थी।

सोलर प्रोजेक्ट भी जमीन पर नहीं आया

जलूद में एक हजार करोड़ की लागत से नर्मदा जल प्रदाय के लिए सोलर से बिजली बनाने का प्रोजेक्ट भी अधर में लटका है। नगर निगम स्तर पर इसे मंजूरी दे दी गई, लेकिन शासन से स्वीकृति नहीं मिल पाई। अब यह काम भी तीन माह बाद हो पाएगा। इसके अलावा इंदौर के मध्य हिस्से में मेट्रो के संचालन का काम भी तीन माह तक संभव नहीं है।

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