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इंदौर:छह नवंबर से तीन दिन तक बंद रहेगी इंदौर की सराफा चाट चौपाटी, 56 दुकान पर उमड़ेगी भीड़

Wed, 04 Nov 2026 08:00 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

दीपावली के त्योहार पर इंदौर का ऐतिहासिक सराफा बाजार रोशनी और आकर्षक सजावट से जगमगा रहा है। हालांकि, इस बार धनतेरस से दीपावली तक तीन दिनों के लिए मशहूर सराफा चाट चौपाटी पर स्वाद का जायका नहीं मिलेगा।
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सराफा चौपाटी - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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स्वाद के लिए मशहूर सराफा चाट चौपाटी दीपावली के कारण तीन दिन बंद रहेगी। इस दौरान इंदौर आने वाले पर्यटक और शहरवासी सराफा के व्यंजनों का स्वाद नहीं चख सकेंगे।दरअसल, इंदौर में दीपावली त्योहार के कारण सराफा की आभूषण और राजवाड़ा क्षेत्र की कपड़ा व अन्य दुकानें देर रात तक खुली रहती हैं। लोग रात 12 बजे तक खरीदारी करने आते हैं। इस दौरान सराफा चाट चौपाटी का संचालन संभव नहीं हो पाता है। सराफा चाट चौपाटी बंद रहने के कारण शहर के अन्य प्रसिद्ध खाउ ठिये 56 दुकान पर इन दिनों में भीड़ उमड़ने की संभावना है।

 

सराफा चौपाटी एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि खास सजावट और दीपपर्व के चलते रात्रिकालीन चाट चौपाटी को तीन दिनों तक बंद रखा जाएगा। धनतेरस से दीपावली तक पूरे समय बाजार सिर्फ गहनों और सोने-चांदी के बाजार के रूप में ही रहेगा। 6, 7 और 8 नवंबर को धनतेरस, रूप चौदस और महापर्व दीपावली के कारण चाट चौपाटी बंद रखी जाएगी।

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सराफा बाजार को दुल्हन की तरह सजाया

सराफा चौपाटी बंद होने की एक वजह सराफा बाजार में की गई सजावट भी है। बाजार को दुल्हन की तरह सजाया गया है। मार्ग के दोनों तरफ वंदनवार लगाए गए हैं और आकर्षक लाइटें भी लगाई गई हैं। ग्राहकों के लिए रेड कार्पेट भी बिछाया गया है। दीपावली त्योहार पर सराफा में हर दिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। पुष्य नक्षत्र वाले दिन सराफा में रात 12 बजे तक ग्राहकों की भीड़ थी। 7 नवंबर तक सराफा में काफी भीड़ रहेगी। दुकानदारों ने ग्राहकों के लिए आकर्षक उपहार योजना भी लागू की है।
 

100 साल पुराना है सराफा बाजार

इंदौर का सराफा बाजार 100 साल से भी ज्यादा पुराना है। होलकर राज में व्यापारियों को सराफा के लिए जगह दी गई थी। यहां सोने-चांदी का कारोबार होता था। इस कारण सराफा के आसपास होलकर शासकों के सैनिकों के रहवासी क्षेत्र थे, ताकि सराफा बाजार सुरक्षित रहे और रात में भी बाजार की सुरक्षा बनी रहे। इसी कारण रात में चाट चौपाटी का चलन भी शुरू हो गया था, जो धीरे-धीरे इंदौर की पहचान बनता गया।

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