सार
दीवाली के दिन एक दिन पहले पीएम10 यानी धूल के छोटे कणों की अधिकतम मात्रा 156 रही,जबकि पिछले साल 128 दर्ज हुई थी। पिछले साल दीवाली को धूल के छोटे कण पीएम 2.5 की मात्रा 145 थी। इस साल हवा में छोटे धूल के कण की मात्रा 166 रही।
दीपावली की रात इंदौर की हवा हो गई थी प्रदूषित।
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इस पर दीवाली पर पटाखो की धूम रही है। इससे में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गई। सांस लेने पर प्रदूषित हवा का एहसास होने लगा था। पिछले साल दीपावली 23 अक्टूबर को थी। तब रात को इंदौर का एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स )319 पर था, लेकिन इस साल एक्यूआई 335 पर जा पहुंचा, हालांकि धूल के कण की मात्रा पिछले साल की तुलना में कम रही। पिछले साल पीएम10 की मात्रा 218 था, इस बार मामूली सुधार रहा और इस बार दीपावली पर 12 नवंबर की रात धूल के कण की मात्रा 215 रही।
इस बार दीपावली के दौरान हवा में धूल के बड़े और छोटे कणों की संख्या भी पिछले साल के मुकाबले ज्यादा रही। ठंड बढ़ने से हवा में जमे धुएं के कारण दृश्यता भी कम होने लगी थी। शाम सात बजे बाद जब पटाखे फूटना शुरू हुए तो शहर की आबो हवा में सल्फर डाईऑक्साइड और नाइट्रोजन डाईऑक्साइड जैसी विषैली गैसों की मात्रा अधिक हो गई। शहर के कोठारी मार्केट, विजय नगर, श्रमिक क्षेत्र, राजवाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण ज्यादा था।
दीवाली के दिन एक दिन पहले पीएम10 यानी धूल के छोटे कणों की अधिकतम मात्रा 156 रही,जबकि पिछले साल 128 दर्ज हुई थी। पिछले साल दीवाली को धूल के छोटे कण पीएम 2.5 की मात्रा 145 थी। इस साल हवा में छोटे धूल के कण की मात्रा 166 रही। प्रदूषण शोधकर्ता सुधीर गोरे के अनुसार नगर निगम द्वारा पर्यावरण सुधार के लिए शहर में किए गए प्रयासों के कारण बड़े धूल के कण की मात्रा कम रही। एयर क्वालिटी इंडेक्स जरुर ज्यादा रहा। ए
बढ़ गया तापमान
इस बार दीपावली नवबंर माह में आई। दीपावली की रात ठंडक भी महसूस हुई, लेकिन दीपावली की रात सामान्य से तीन डिग्री तापमान ज्यादा रहा। सोमवार रात का तापमान 17.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा रहा। सोमवार सुबह बढ़ी हुई ठंडक महसूस हुई।