स्वच्छता में इंदौर ने सातवां आसमान छू लिया है। लगातार सातवीं बार देश में इंदौर सफाई में नंबर वन चुना गया है। प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार शाम को एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी।
विजयवर्गीय ने इस बड़ी कामयाबी के लिए इंदौर की जनता और खासकर इंदौर नगर निगम के सफाईकर्मियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 11 जनवरी को दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम का हमें न्योता मिला है और इंदौर फिर सफाई में नंबर वन बन गया है।
प्रदेश स्तर भी मप्र नंबर वन
समारोह के आमंत्रण के बारे में मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने भी कहा कि इंदौर 11 जनवरी के स्वच्छता रैंकिंग समारोह का आमंत्रण मिला है। इंदौर और मध्य प्रदेश सरकार को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए आमंत्रित किया गया है।
बता दें, 11 जनवरी को देश के शहरों की स्वच्छता रैंकिंग घोषित होगी। दिल्ली की टीम ने पिछले दिनों इंदौर में सफाई से जुड़े कामों की वीडियो शूटिंग की थी। इंदौर छह साल से लगातार पूरे देश में सबसे साफ शहर का रिकॉर्ड बना चुका है। इस बार इंदौर का मुकाबला कई शहरों से था, लेकिन विजयवर्गीय के दावे के अनुसार इंदौर ने सातवीं बार बाजी मार ली है। हालांकि, अधिकृत तौर पर इंदौर समेत देशभर के स्वच्छता शहरों की रैंकिंग 11 जनवरी को ही पता चलेगी।
घर घर कचरा संग्रहण इंदौर की सबसे बड़ी ताकत
इंदौर का दावा सातवीं बार इसलिए भी मजबूत रहा, क्योंकि इंदौर में घर घर से शत प्रतिशत कचरा वाहनों के जरिए ट्रेंचिंग ग्राउंड ले जाया जा रहा है। घरों से कचरा अलग अलग कर लिया जा रहा है। दूसरे शहरों में अभी भी मिक्स कचरा आना बड़ी समस्या है। जीरो डस्टबीन सिटी या कचरा पेटी मुक्त होने से इंदौर में सड़कों पर कचरे के ढेर नहीं दिखते हैं। कचरे से खाद, और सीएनजी भी इंदौर में तैयार हो रही है। दूषित पानी के उपचार के बाद उसके उपयोग में भी इंदौर आगे है। इंदौर में इस बार सर्वेक्षण करने आई टीम बारिश के दौरान आई थी। उसके बाद अलग अलग दिनों में भी सर्वे हुआ, लेकिन ज्यादा कमियां नहीं मिली।