गड्ढे भरने के लिए बड़े बोल्डर डाले गए।
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50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक अलग-अलग श्रेणी के वाहनों से हर दिन 15 लाख रुपये से ज्यादा टोल टैक्स कंपनी लेती है, लेकिन व्यवस्था के नाम पर खराब सड़क ही मिल रही है। छह लेन निर्माण के समय न तो पूरी सर्विस रोड बनी और न ही इंदौर के एंट्री पाइंट पर ज्यादा ब्रिज बनाए गए। अब उस गलती को सुधारा जा रहा है और 35 किलोमीटर के हिस्से में तीन ब्रिजों का निर्माण एक साथ शुरू कर दिया गया। इस कारण ट्रैफिक सर्विस रोड पर शिफ्ट किया गया है और वाहनों को गड्ढों के बीच से गुजरना पड़ रहा है। एक-डेढ़ फीट के गड्ढे वाहनों की रफ्तार धीमी कर रहे है। इस कारण सुबह से लेकर शाम तक ट्रैफिक जाम भी लग रहा है।
अफसरों के साथ बैठक की
बायपास पर फैली व्यवस्था को लेकर मैंने दो मर्तबा अफसरों के साथ बैठक की है। उन्हें कहा गया है कि ब्रिजों का निर्माण जल्दी किया जाए। जिस हिस्से में ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। उसे भी चौड़ा किए जाए। इससे यातायात बार-बार बाधित नहीं होगा।
- तुलसी सिलावट, मंत्री व सांवेर विधायक