स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की दिशा में एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया गया है। इंदौर जिले के स्वास्थ्य विभाग में मूल पदस्थापना के बजाय अन्य स्थानों पर सेवाएं दे रहे 175 डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के अटैचमेंट पूरी तरह से समाप्त कर दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जारी किया आदेश
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने 16 अक्टूबर को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत जिले में चल रहे सभी प्रकार के अटैचमेंट को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। आदेश के बाद अब सभी संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी और जॉइनिंग देनी होगी।
मूल पदस्थापना पर लौटने के बाद ही मिलेगा अक्टूबर का वेतन
प्रशासन ने इस आदेश को सख्ती से लागू करने के लिए वेतन से जुड़ा एक अहम नियम भी जोड़ा है। आदेश के मुताबिक संबंधित कर्मचारियों को अपने मूल पदस्थापना स्थल पर ज्वाइन करने के बाद ही अक्टूबर महीने का वेतन मिल सकेगा। वेतन आहरण केंद्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जब तक कर्मचारी अपने मूल स्थान पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेते, तब तक उनके वेतन का आहरण नहीं किया जाए।
अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त करने के दिए गए निर्देश
जारी किए गए दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि संबंधित संस्थाओं के अधिकारियों को अटैच कर्मचारियों को उसी दिन कार्यमुक्त करना होगा और उन्हें उनकी मूल पदस्थापना की जगह भेजना होगा। इसके साथ ही इस पूरी प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय को भी अनिवार्य रूप से देनी होगी ताकि विभाग के पास पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहे।
आदेश का पालन न करने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस आदेश के जारी होने के बाद भी यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी किसी भी स्थान पर अटैचमेंट पर काम करता पाया जाता है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की अवहेलना होने पर पूरी जिम्मेदारी संबंधित संस्था के प्रभारी की तय की जाएगी।
विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थाओं को भेजा गया पत्र
यह प्रशासनिक आदेश सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक के अलावा देपालपुर, मानपुर, सांवेर और हातोद के खंड चिकित्सा अधिकारियों को भेजा गया है। इसके अलावा महू समेत विभिन्न अस्पतालों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों, शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं तथा मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक के सभी प्रभारियों को भी यह निर्देश भेज दिए गए हैं। इस आदेश में भोपाल में हुई बैठकों और 16 अक्टूबर को मुख्यालय स्तर से प्राप्त हुए निर्देशों का मुख्य रूप से हवाला दिया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि वे इस आदेश का पूरी सख्ती से और बिना किसी देरी के पालन सुनिश्चित करें।