पूर्व सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह
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दो साल पहले मध्य प्रदेश के चर्चित हनीट्रैप कांड के फरियादी रहे इंदौर नगर निगम के पूर्व सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह की रीवा में मौत हो गई। उनका शव रीवा स्थित उनके पैतृक निवास के कमरे में मिला। उनकी मौत संभवत: दिल का दौरा पड़ने से हुई। पड़ोसियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
हरभजन सिंह की पत्नी अपने बेटे के साथ दूसरे शहर में रहती हैं। उन्हें भी सूचना दे दी गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, ताकि मौत के कारणों का खुलासा हो सके। बता दें, हरभजन सिंह की शिकायत पर प्रदेश के चर्चित हनीट्रैप कांड का खुलासा इंदौर पुलिस ने किया था। मामले में चार महिलाएं गिरफ्तार हुई थीं। हरभजन ने शिकायत में कहा था कि महिलाएं उन्हें वीडियो रिकॉर्डिंग के नाम पर ब्लैक मेल कर रही हैं। बाद में पुलिस ने भोपाल और इंदौर से चार महिलाओं को गिरफ्तार किया था।
एक महिला ने दुष्कर्म की शिकायत की थी
बाद में एक आरोपी महिला ने हरभजन सिंह के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत की थी। इसके बाद हरभजन पर भी पुलिस ने केस दर्ज कर दिया था। इसके बाद हरभजन को निलंबित कर दिया था और उनका मुख्यालय रीवा कर दिया गया। निलंबन के कुछ दिनों तक हरभजन सिंह इंदौर में ग्रेटर कैलाश मार्ग पर रहे। फिर वे रीवा स्थित अपने पैतृक निवास पर रहने चले गए थे।