इंदौर के नवलखा क्षेत्र में पांच बसों में आग लग गई। बसें पार्किंग में खड़ी थीं और उनमें कोई यात्री सवार नहीं था। पहले आग एक बस में वेल्डिंग के दौरान लगी। इसके बाद आग फैल गई और अन्य बसों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद एक-एक करके पांच बसें धू-धू कर जल उठीं। काला धुआं आसपास के इलाके में फैल गया। इस दौरान बसों में धमाके भी हुए। लोगों ने आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को दी। मौके पर जब तक दमकल की गाड़ियां पहुंचतीं, तब तक आग के कारण बसें जलकर खाक हो चुकी थीं।
आसपास के राज्यों से आने वाली बसें नवलखा में पार्क की जाती हैं और शाम के समय यात्रियों को लेकर रवाना होती हैं। सुबह एक बस में मरम्मत का काम किया जा रहा था और वेल्डिंग भी की जा रही थी। इसी दौरान निकली चिंगारी से बस में आग लग गई। समय रहते वेल्डिंग करने वालों ने आग पर काबू नहीं पाया और थोड़ी ही देर में आग तेजी से फैल गई।
ये भी पढ़ें:मिलावटी हल्दी से दुल्हन को हुई एलर्जी, अस्पताल में होना पड़ा भर्ती
जब यह हादसा हुआ, तब वहां 25 से ज्यादा बसें खड़ी थीं। कुछ चालकों ने सूझबूझ दिखाते हुए अपनी बसों को वहां से हटा लिया। मौके पर स्थानीय पार्षद मनीष शर्मा पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि रहवासी क्षेत्र में निजी बसों की पार्किंग और मरम्मत का काम किया जाता है। बसों के कारण रहवासी क्षेत्र भी आग की चपेट में आ सकता है। इसकी कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
गर्मी में इस कारण होते हैं आग लगने के हादसे
- कई बार वाहन पेड़ के नीचे खड़े किए जाते हैं। सूखी पत्तियां बोनट की दरारों से इंजन के आसपास फंस जाती हैं। इंजन के पार्ट्स गर्म होने पर ये पत्तियां जल जाती हैं और आग लग सकती है।
- डैशबोर्ड पर कई लोग सेंट या चश्मा रखते हैं। इससे भी कई बार आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
- डैशबोर्ड पर पानी की बोतल रखना भी खतरनाक हो सकता है।