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Indore: इस साल दीपावली पर इंदौर में कम फूटे पटाखे, कम हुआ प्रदूषण, एक्यूआई रहा 370

Tue, 21 Oct 2025 03:18 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

पिछली दीपावाली को पटाखे देर रात तक फूटते रहे। इस बार दीपावली पूूजन का मुर्हूत रात साढ़े आठ बजे तक ही था। इस कारण आतिशबाजी का दौर जल्दी शुरू हो गया था। रात 12 बजे तक कई इलाकों में पटाखों का शोर काफी कम हो गया था। पटाखे भी इस बार कम उपयोग में लाए गए।
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दीपावली की रात प्रदूषण की स्थिति - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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इस साल इंदौर में दीपावली की रात प्रदूषण पिछले साल की दीपावली की तुलना में कम रहा। इसके अलावा हानिकारक गैसों का उत्सर्जन भी कम हुआ। देर रात तक पटाखे न फूटना, और हवा की ज्यादा गति इसके कारण हो सकते है, लेकिन इस साल लोगों भी मान रहे है कि पटाखे कम फूटे। इंदौर में वर्ष 2024 में दीपावली के दिन 24 घंटे का एक्यूआई 391 था। इस साल 370 रहा, हालांकि इतनी मात्रा भी आबोहवा को दूषित करती है। इससे भी दीपावली के दिन लोगों को परेशानी हुई और वातावरण में धुएं के बादल नजर आए, लेकिन पिछले साल इससे भी खतरनाक स्थिति थी। पीए-2.5 की मात्रा इस बार 210 है। पिछले साल 238 रही।

 

 

पिछली दीपावाली को पटाखे देर रात तक फूटते रहे। इस बार दीपावली पूूजन का मुर्हूत रात साढ़े आठ बजे तक ही था। इस कारण आतिशबाजी का दौर जल्दी शुरू हो गया था। रात 12 बजे तक कई इलाकों में पटाखों का शोर काफी कम हो गया था। पटाखे भी इस बार कम उपयोग में लाए गए। अगर मौसम की बात करे तो पिछले साल की तुलना में औसत तापमान एक डिग्री इस बार कम रहा, हवा की गति भी पिछले साल की तुलना में ज्यादा थी। एक यह भी प्रदूषण कम होने की वजह थी। हानिकारक धुएं की चादर शहर के ज्यादातर हिस्से लिपटे नहीं रहे।

 

हानिकारण गैसों का उर्त्सजन कम

पर्यावरणविद व पूर्व वैज्ञानिक दिलीप वाघेला का कहना है कि इस बार हानिकारक गैसों का उत्सर्जन भी कम रहा। सल्फर डाइआक्साइड, नाइट्रोजन डाइआक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड जैसी हानिकारक गैसों की मात्रा वातावरण में कम मिली। इस बार ग्रीन पटाखे, हवा की गति के ज्यादा और पटाखे कम फोड़े जाने के कारण प्रदूषण की मात्रा में कमी आई है। पीएम-10 का मात्रा पिछले साल की तुलना में कम रही। इस साल 856 माइक्रो ग्राम प्रतिघन मीटर रहा।  पिछले साल एक हजार से ज्यादा पार कर चुका था।

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