एलिवेटेड काॅरिडोर का ठेका गुजरात की एक कंपनी को 2020 मेें दिया गया था, लेकिन ट्रैफिक लोड 4 प्रतिशत आने के कारण मामला अटका रहा। यदि लोक निर्माण विभाग ब्रिज बनाने की योजना रद्द करता हैै तो कंपनी को 30 करोड़ रुपये चुकाना होंगे।
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