संविधान दिवस के मौके पर इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने मौजूद नेता व कार्यकर्तागणों को संविधान को बचाने की शपथ दिलाई। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि देश का लोकतंत्र खतरे में है। मतादता सूची से छेड़छाड़ आम बात हो गई है। हमें एकतंत्र चाहिए या लोकतंत्र, इसका फैसला हमें करना है। संविधान ने हमें लोकतंत्र दिया है। इसकी रक्षा करना हम सब की जिम्मेदारी है।
चुनाव आयोग मतदाता सूची के लिए सर्वे में जनता से प्रमाण मांग रहा है। पहले कभी प्रमाण नहीं मांगे गए। सिंह ने कहा कि एसआईआर के नाम पर बिहार में 60 लाख लोगों के नाम काट दिए गए। वे देश के नागरिक है, लेकिन वे वोट नहीं डाल पाए। जो परिवार पीढि़यों से देश में रह रहे है। उनसे प्रमाण मांगे जा रहे है। यह हम सब की नागरिकता पर सवालिया निशान है।इससे हमें सर्तक रहना होगा। हम सभी को संविधान बचाने का संकल्प लेना होगा।
सिंह ने कहा कि अब भारत के संविधान को एकतंत्र में बदलने की कोशिश हो रही है। इसमें एक व्यक्ति का राज होता है। भारत में यहीं हो रहा है। सिंह ने कहा कि आरएसएस वह संस्था है जिसका पंजीकरण तक नहीं हुआ है। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कांग्रेस नगर अध्यक्ष चिंटू चौकसे, सुरजीत सिंह चड्ढा, राजेश चौकसे, अमित चौरसिया सहित कई नेता मौजूद थे। इस दौरान आंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया गया। इस दौरान जय भीम के नारे भी लगाए गए।