एमवाय अस्पताल में मरीजों की भीड़।
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इंदौर में इन दिनों लोग खतरनाक वायरल की चपेट में आ रहे है। एन्फ्लूएंजा-ए और एच-3, एन-2 से मिलते जुलते इस वायरल के लक्षण बुखार, सांसों में तकलीफ है। कई बार इससे निमोनिया भी मरीजों को हो रहा है और उन्हें अस्पताल में भर्ती तक होना पड़ रहा है। हर दिन अस्पतालों में 50 से 70 मरीज इस वायरल के इलाज के लिए आ रहे है।
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शहर के छाती रोग विशेषज्ञ रवि डोसी इस वायरल के खतरनाक होने की वजह मौसम का उतार-चढ़ाव बता रहे है। पहले गर्मी आई, फिर अचानक सर्दी बढ़ गई। इस तरह का मौसम वायरल के फैलाव के लिए अनुकूल होता है। इन दिनों लोग धार्मिक स्थलों पर भी काफी जाते है। कई मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री मिली है। पर्यटन के दौरान वे वायरल के चपेट में आ रहे है और फिर उनके संपर्क में आने के कारण दूसरे लोग व परिवारजन भी चपेट में आ रहे है।
इम्यूनिटी कमजोर तो जानलेवा बन सकता है बुखार
शहर में फैले वायरल की चपेट में आने वाले जिन मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उनके लिए यह बुखार जानलेवा साबित हो रहा है। सांसों में तकलीफ और निमोनिया के कारण कुछ मरीजों को आईसीयू में भी शिफ्ट करना पड़ रहा है। बच्चों और युवकों पर इस वायरल का ज्यादा असर नहीं दिखाई दे रहा है। डा. डोसी के अनुसार इस मौसम में यह वायरल तेजी से फैलता है। रोगी के संपर्क में आने यह फैलता है। सामान्य तौर पर कुछ लोगों को सिर्फ बुखार आता है, लेकिन कुछ मरीजों में बुखार के साथ दस्त, कमजोरी, गले में खराश और कफ के लक्षण भी देखे जा रहे है।