सार
भागीरथपुरा में 15 मौतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर इंदौर नगर निगम एक्शन मोड में है। पूरे शहर में सात दिन का जल सर्वे होगा, लीकेज की शिकायतों पर 48 घंटे में कार्रवाई और सभी ओवरहेड टैंकों की सफाई कराई जाएगी।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई पेयजल त्रासदी में 15 मौतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर कार्रवाई की जा रही है। भागीरथपुरा में टीम लगातार काम कर रही है, ताकि लोगों को नियमित रूप से साफ पानी मिल सके।
इंदौर नगर निगम का पूरा स्टाफ और टीम लोगों के बीच काम कर रही है। किसी भी शिकायत या अनुरोध पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अगले सात दिनों में पूरे इंदौर में पानी की सप्लाई को लेकर सर्वे किया जाएगा। लीकेज के बारे में किसी भी शिकायत या जानकारी पर 48 घंटे के अंदर कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्यमंत्री के आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जोन और वार्ड वाइस सर्वे करें। जहां से भी शिकायत मिले उसे तुरंत दूर करें। हमारे जो भी पानी के ओवरहेड टैंक हैं उनकी तुरंत सफाई के लिए कहा गया है।
बता दें दूषित पेयजल से 15 मौतों के बाद मुख्यमंत्री इंदौर नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव कर चुके हैं। सीएम ने अधिकारियों पर सख्त एक्शन लेते हुए इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर चुके हैं।