इंदौर मेें शनिवार को देवी अहिल्या की 300 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। शहर के राजवाड़ा चौक पर स्थित देवी अहिल्या प्रतिमा पर सामाजिक, धार्मिक संगठनों ने माल्यार्पण किया। शहरभर के 70 से अधिक बैंड और भजन मंडलों ने सुबह सात बजे से राजवाड़ा चौक पर अपनी प्रस्तुति दी। भजन मंडलों में ज्यादातर महिलाएं ही आगे रही।अलग-अलग क्षेत्रों से आए भजन मंडलों ने देवी अहिल्या प्रतिमा की परिक्रमा की।
महिलाएं भगवा साडि़यां पहन कर आई थी और हाथ में भगवा पताकाएं लहरा कर भजन गा रही थी। विट्ठल विट्ठल विट्ठला... गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो जैसे भजन बैंड की धूनों पर बज रहे थे। भजन मंडलों का स्वागत करने के लिए चौक के आसपास मंच भी लगाए गए थे। क्लर्क काॅलोनी के भगिनी मंडल ने दस से ज्यादा भजन गाए। इसके अलावा युवक-युवतियों के समूह ने लेझिम और बड़े ढोल पर जय घोष किया।
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संस्था पुण्यश्लोक ने उषा नगर क्षेत्र से एक रैली निकाली। वाहन पर रखी गई देवी अहिल्या की प्रतिमा पर सभी पुष्प अर्पित कर रहे थे। रैली में शामिल पुरुषों ने सफेद वस्त्र धारण किए थे। उनके हाथों में होलकर शासनकाल के ध्वज भी थे। संस्था जयंती के उपलक्ष्य में जागरण गोंधल भी करने जा रही है। इसके अलावा जाल सभागृह में देवी अहिल्या नारी गौरव अलंकरण समारोह भी आयोजित किया गया। समारोह में अलग-अलग समाजों की उन महिलाअेां का सम्मान किया, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम किए है। शहर में अन्य स्थानों पर अभी आयोजन हुए।
मां अहिल्या के मार्ग पर चलने का लिया प्रण
अपना दल (एस) की मध्य प्रदेश इकाई ने देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। विजय नगर स्थित होटल में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मां अहिल्याबाई के जीवन, उनके सुशासन, नारी सशक्तिकरण, और सामाजिक सुधारों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर उनके योगदान को याद करते हुए नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।
पार्टी के प्रदेश प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव आरबी सिंह पटेल ने कहा, "लोकमाता अहिल्याबाई होलकर न केवल एक कुशल शासिका थीं, बल्कि नारी शक्ति और सुशासन की प्रतीक थीं। राष्ट्रीय महासचिव युवा मंच डॉ. अखिलेश पटेल ने कहा कि माता अहिल्याबाई ने 300 वर्ष पहले ही नारी सशक्तिकरण, शिक्षा, और सामाजिक सुधारों को बढ़ावा दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि इंदौर माता अहिल्याबाई की कर्मभूमि है, जहां उनके सुशासन और लोककल्याणकारी कार्यों की गूंज आज भी सुनाई देती है। संगोष्ठी में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यवाहक जिला अध्यक्ष टीकमचंद शर्मा, पूर्व प्रदेश महासचिव कैलाश गवांडे, रोहित चंदेल, इकबाल पटेल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।