सरकारी विभागों की वेबसाइट पर साइबर खतरा।
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साइबर अपराधी लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं और लोग उनका शिकार हो जाते हैं। इस साल के 10 माह में क्राइम ब्रांच ने ठगी का शिकार हुए लोगों के 6 करोड़ 79 लाख रुपए वापस करवाने में सफलता अर्जित की है, जो अब तक का रिकार्ड है।
ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं अपराधी
पिछले कुछ साल से साइबर ठग एपीके फाइल भेजकर, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर, शेयर और क्रिप्टो में निवेश के नाम पर, वॉइस क्लोनिंग से आवाज बनाकर परिचित बनकर, फर्जी लोन ऐप के माध्यम से, केवाईसी अपडेट के नाम पर और बिजली व गैस कनेक्शन कटने के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाते आ रहे हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच रहे हैं रुपए
हालांकि अब पुलिस भी समय रहते शिकायत दर्ज करवाने वालों के करोड़ों रुपए बचा रही है। इस साल क्राइम ब्रांच ने 10 माह में ठगी के शिकार हुए लोगों के 6 करोड़ 79 लाख वापस करवाने में सफलता अर्जित की है। वहीं क्राइम ब्रांच ने 10 हजार से अधिक फर्जी बैंक खाते ब्लॉक करवाए हैं। इसके अलावा क्राइम ब्रांच ने हैक किए गए 350 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट रिकवर किए हैं, जबकि 450 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट, जिसमें नाम और फोटो का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर ब्लैकमेलिंग की गई थी, ऐसे खातों को ब्लॉक करवाया है। बताते हैं कि पिछले कुछ साल में क्राइम ब्रांच ने इस साल अब तक सबसे अधिक राशि वापस करवाने में सफलता अर्जित की है।
जागरूक होने से ही रुकेंगे अपराध
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक साइबर क्राइम बहुत तेजी से बढ़ रहा है। अपराधी नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं। इससे बचने का एकमात्र रास्ता है जागरूकता। इसके लिए भी पुलिस और प्रशासन लगातार कैंपेन चला रहा है।